जिशीन खान

प्रतापपुर। नगर में आए दिन सड़क पर घूम रहे गौ वंश दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, कई भारी वाहनों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। गौ वंश की ऐसी दुर्दशा के बाद भी स्थानीय प्रशासन इनके संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इनके संरक्षण के लिए बनाई गई योजनाएं कागजों में सिमट रही हैं। सोमवार की शाम अज्ञात एंबुलेंस ने सड़क किनारे खड़े गाय को तेज रफ्तार मेें टक्कर मार दी, जिसमें उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल गाय की सुध किसी ने नहीं ली, जबकि हादसा तहसील कार्यालय के सामने का है। तीन दिन हो गए, तहसील कार्यालय में लोगों का आना-जाना लगे रहता है, इसके बाद भी घायल मवेशी को उपचार सुविधा मिले, इसकी पहल नहीं की गई। नगर में सरकारी गौ-शाला होने के बाबजूद गाय, बैल सड़कों पर घूम रहे हैं। मुख्य बाजार में सड़कों पर भारी संख्या में मवेशी खड़े मिल जाएंगे। मवेशी मालिक भी इन्हें सड़कों पर छोडऩे के बाद बेपरवाह नजर आते हैं। इन मवेशियों के कारण सड़क में जाम की स्थिति बनती है, असमय इनके लडऩे और बिदकने से दुर्घटनाओं की संभावना बलवती होती है।


रोजाना सैकड़ों लोगों का यहां होता है आना-जाना
एंबुलेंस की ठोकर से घायल गाय तीन दिन से जहां कराह रही है, वहां अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व तहसील कार्यालय स्थित है। यहां दिन भर अधिकारियों का आना-जाना होता है, लेकिन किसी का घायल गौ वंश पर ध्यान नहीं जा रहा है। सरकार नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना चला रही है, यहां ऐसे मवेशियों को संरक्षित किया जा सकता है।

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