बिश्रामपुर। प्रशिक्षु शिक्षक के दंडित करने पर छात्र के बिगड़े स्वास्थ्य से नाराज परिजन व ग्रामीणों द्वारा आज स्कूल के गेट के पास पहुंचकर धरना प्रदर्शन कर हंगामा किया गया। अधिकारियों द्वारा छात्र के ईलाज कराने व संबंधित के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया। गौरतलब है कि नगर में संचालित स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाले ग्राम पंचायत सतपता निवासी कक्षा 8 वीं के छात्र राजकुमार यादव पिता जमुना यादव की पिछले स्वास्थ्य खराब रहने के बाद स्वस्थ होने पर वह जब स्कूल आया तब पार्वती बीएड कालेज मदनपुर सिलफिली के बीएड छात्र युवराज यादव द्वारा प्रशिक्षण के दौरान पढ़ाने पर छात्रों को होमवर्क दिया गया था। होमवर्क पूर्ण न करने पर प्रशिक्षु शिक्षक ने कक्षा के अधिकांश छात्रों को सजा बतौर उठक बैठक कराया गया था, जिससे छात्र राजकुमार यादव को भी उठक बैठक करना पड़ गया था। उठक बैठक करने की वजह से कहते राजकुमार यादव का स्वास्थ्य काफी बिगड़ गई। इसके बाद परिजन द्वारा आनन फानन में छात्र को अंबिकापुर अस्पताल ले जाया गया था, जहां स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को गंभीर हालत में रायपुर एम्स ले जाया गया लेकिन वहां पर बेड उपलब्ध न होने पर परिजन द्वारा छात्र को एकता हास्पिटल रायपुर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है, जहां स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है। छात्र की स्थिति गंभीर होने व परिजन की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा सोमवार को संबंधित स्कूल के गेट के बाहर एकत्र होकर सुबह से हंगामा शुरू कर धरना प्रदर्शन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने मांग किया कि गरीब छात्र के ईलाज की पूरी खर्च प्रशासन द्वारा पूरा किया जाए। साथ ही प्रधान पाठक क्रेनदल कुजूर व संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी। आंदोलन की सूचना पर लटोरी तहसीलदार नीरजकांत तिवारी, पिलखा नायब तहसीलदार अंकिता तिवारी, सीएसपी जेपी भारतेंदु, डीईओ विनोद कुमार राय, बीईओ विनोद कुमार दुबे, जयनगर थाना प्रभारी सुभाष कुजूर, प्रभारी थाना प्रभारी अरुण गुप्ता दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर नाराज लोगों को समझाइश दिए। समझाइश के दौरान अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि पीड़ित छात्र के उपचार की व्यवस्था कराने पहल की जाएगी। साथ ही संबंधित शिक्षक व प्रधान पाठक के खिलाफ उचित कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, इसके बाद नाराज लोगों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। करीब 6 घण्टे तक विद्यालय में हंगामा की वजह से यहां पर पढ़ाई कार्य काफी प्रभावित हो गई थी। इस दौरान पीड़ित छात्र के परिजन के अलावे जनप्रतिनिधि व ग्रामीणजन उपस्थित थे। 

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