22 दिन पूर्व जन्मी बच्ची को दूध पिला रही थी, इस दौरान मारपीट में आई थी चोट

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। चार वर्ष पूर्व प्रेम विवाह की महिला ने 22 दिन पूर्व बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसे उम्मीद थी कि अब वह बच्चे के साथ खुशहाल जीवन जी पाएगी, लेकिन शराब के नशे में रोजाना मारपीट करने वाले पति ने गुरूवार की रात पत्नी पर मारपीट का ऐसा कहर ढाया कि मां के आगोश में सिमट दूध पी रहा बच्चा भी गंभीर स्थिति में पहुंच गया। बच्चे को गोद में लिए महिला किसी तरह राज गुजारी और शुक्रवार की सुबह बच्चे को लेकर करजी चौक के पास बैठकर रो रही थी। पुलिस वालों की नजर रो रही महिला पर पड़ी, तो उसने पति के द्वारा मारपीट की जानकारी दी। महिला के बच्चे की गंभीर स्थिति देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाया गया, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने मासूम बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने महिला के पति को हिरासत में लिया है, वही बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद कफन-दफन के लिए मां के सुपुर्द कर दिया है। अस्पताल के मच्र्युरी में रखे बच्ची के शव से लिपटकर रोती महिला को देख पुलिस सहायता केंद्र के प्रभारी व कर्मचारी भी निर्दयी पिता को कोसते नजर आए।


जानकारी के मुताबिक दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर निवासी सुमेंद्र नगेसिया ने वर्ष 2018 में बैकुंठपुर की मानमती से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद चार वर्ष के अंतराल में उन्हें संतान सुख की प्राप्ति हुई। बच्ची पूर्णिमा को 22 दिन पूर्व जन्म दी महिला काफी कमजोर थी, वहीं पति के द्वारा शराब पीकर आए दिन की जाने वाली मारपीट से उसके शरीर में जगह-जगह जख्म हो गए थे। गुरूवार की रात लगभग 11 बजे शराब पीकर पहुंचे पति ने मानमती को मायके जाने के लिए कहा। जब उसने 22 दिन की बच्ची और स्वयं के शारीरिक कमजोरी का हवाला देते हुए कुछ दिन बाद चले जाने की बात कही तो दूध पी रही बच्ची की परवाह किए गए बगैर गाली देते हुए उसका गला दबाने लगा। इस दौरान वह खींचातानी करते हुए लात चलाया, जिससे बच्ची को भी चोट लगा और उसकी स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने बच्ची का सांस चलते देख उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, यहां मासूम की मौत हो गई।


जन्म देने वाला ही बच्ची को मार डाला
मानमती बच्ची की मौत से काफी व्यथित थी। वह बार-बार कह रही थी कि बच्ची को जन्म देने वाला ही उसे मार डाला। मारपीट के दौरान वह कहती रह गई कि छोड़ दो, मेरे को मत मारो, बच्ची दूध पी रही है, चोट लग जाएगा, वह मर जाएगी, लेकिन वह नहीं माना। कभी गला दबाता, कभी हाथ से तो कभी लात से मारता। खाना निकालकर रखी थी नहीं खा पाई। फिर ऐसा मारा कि बच्ची को चोट लगा और उसकी हालत बिगड़ गई। मच्र्युरी के टेबल में रखे शव को सीने से चिपकाए वह रोते रह गई। इस बीच चिकित्सक पहुंचे और उन्होंने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया।


काफी इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचे स्वजन
मानमती अकेले बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंची थी। यहां बच्ची के मौत की खबर उसके लिए काफी पीड़ादायक थी। साथ में किसी स्वजन के नहीं होने के कारण बच्ची के शव को पुलिस ने ही मच्र्युरी में रखवा दिया था, लेकिन उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी दुधमुंही बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस शाम चार बजे तक मायके या ससुराल पक्ष से किसी के आने का इंतजार करती रही लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में पुलिस ने व्यवस्था बना बच्ची के शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। मानमति ने बताया कि उसके सास-ससुर अलग रहते हैं। पुलिस ने शव के साथ महिला को रवाना करने के पहले बच्ची का कफन-दफन कराने गांव के सरपंच से आग्रह किया।



शुक्रवार को दिन में करीब 11 बजे, 22 दिन की बच्ची पूर्णिमा नगेसिया को लेकर दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनपुर की मानमती पहुंची थी। बच्ची को जांच के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित पति अपनी पत्नी को मायके जाने कह रहा था। महिला ने स्वयंं व दुधमुंही बच्ची के कमजोर होने की बात कही, इसके बाद गुरूवार की रात वह मारपीट किया, जिसमें बच्ची और उसकी मां को चोट लगी थी। बच्ची को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
सिदियुस लकड़ा
पुलिस सहायता केंद्र
मेडिकल कॉलेज अस्पताल

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