राजेन्द्र ठाकुर (राजू)बलरामपुर- बलरामपुर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. की अध्यक्षता में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के समितियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रीता यादव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री आर.के.शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री के.एल.महिलांगे, सहायक संचालक योजना श्रीमती आशा रानी टोप्पो, जिला मिशन समन्वयक श्री रामप्रकाश जायसवाल सहित स्वामी आत्मानंद स्कूल के समस्त प्राचार्यगण एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने नवीन आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में सरलीकरण करते हुए कक्षाओं में प्रवेश कार्य पूर्ण करने के निर्देश समस्त प्राचार्यों को दिये, उन्होंने हिन्दी माध्यम के बच्चे जिनका परीक्षा परिणाम 65 प्रतिशत् से अधिक है, उन बच्चों का अंग्रेजी माध्यम स्कूलोें में टेस्ट लेकर कक्षा 6वीं, 7वीं एवं 8वीं में प्रवेश दिलाने को कहा। कलेक्टर ने नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों चलगली, डौरा व रामचन्द्रपुर के अधोसंरचना से संबंधित कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यों को 01 नवम्बर से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रयोगशाला सहायकों के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली, तथा विकासखण्ड स्तर पर भी प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा, साथ ही अन्य स्कूल के प्रयोगशाला सहायकों का भी प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने शिक्षा में गुणवत्ता लाने हेतु शिक्षकीय स्टाफ का भी मूल्यांकन किये जाने की बात कही। उन्होंने नवीन विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों पर प्रतिक्षा सूची से चयन करने को कहा। कलेक्टर ने जिले के समस्त स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के रिक्त पदों पर एक साथ विज्ञापन जारी कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये, इसके साथ ही कलेक्टर ने स्कूलों के पुस्तकालयों में पुस्तक की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेते हुए सभी प्राचार्यों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने स्कूलों में जरूरत के अनुसार मांग पत्र तैयार कर तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएं जिससे समय पर पुस्तकालय हेतु पुस्तक उपलब्ध कराई जा सके। कलेक्टर ने प्राचार्यों से बच्चों को पाठ्यपुस्तक के अतिरिक्त सामान्य ज्ञान का भी अध्ययन कराने को कहा।

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