मजदूर की मौत के बाद गरीब परिवार की मदद के लिए युवाओं ने बढ़ाया हाथ
मोतियाबिंद के आपरेशन के बाद अस्पताल के वार्ड में था भर्ती, शौचालय में हुई थी मौत
अंबिकापुर। एक परिवार पर उस समय आफत आ पड़ी, जब घर के कमाऊ सदस्य की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मृतक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिजन के पास उसके अंतिम संस्कार करने के लिए भी पैसे नहीं थे। इस स्थिति में समाज सेवी संस्था संकल्प यूथ क्लब के सदस्यों ने मानवता का परिचय देते हुए न केवल परिवार की आर्थिक मदद की बल्कि मृतक के शव को कंधा देकर विधि-विधान से अंतिम संस्कार भी कराया। इसके पूर्व भी युवाओं द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद की जा चुकी है। ऐसे ही मृतकों का अंतिम संस्कार भी कराया है।
अस्पताल के शौचालय में गिरने से हुई मौत
मृतक देवी सिंह 46 वर्ष गांधीनगर थाना क्षेत्र के विशुनपुर का रहने वाला था। 25 अगस्त को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग में मोतियाबिन्द का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। देर रात को वह शौचालय में गया, यहां पैर फिसलने से गिरकर जख्मी हो गया था।
काफी देर तक पड़ा रहा शौचालय में
वार्ड में देख-रेख के लिए मृतक का बड़ा बेटा था, लेकिन रात में सो जाने के कारण उसे कुछ पता नहीं चला और उसके पिता का शव काफी देर तक शौचालय में ही पड़ा रहा। बेटे को जब इसकी जानकारी मिली तो वह उसे बाथरूम से घायल अवस्था में उठाकर अस्पताल में आपातकालीन कक्ष में ले गया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे आईसीयू में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान 27 अगस्त की दोपहर उसकी मौत हो गई।
मजदूरी कर करता था जीवन यापन
मृतक देवी सिंह 46 वर्ष काफी गरीब था। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। अचानक उसकी मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं परिवार के पास उसके अंतिम संस्कार के लिए भी रुपये भी नहीं थे। इसकी जानकारी जब शहर के संकल्प यूथ क्लब समाज सेवी संस्था के सदस्यों को हुई तो संस्था के सदस्यों ने परिवार की आर्थिक मदद ही नहीं की, बल्कि परिवार की तरह मृतक की अर्थी का कंधा देकर मुक्तिधाम ले जाकर परिजन के साथ अंतिम संस्कार कराया।
इंसानियत का निभाया फर्ज
संस्था के सदस्यों ने कहा कि हम लोगों ने इंसान होने का फर्ज अदा किया है। हर इंसान को दूसरे इंसान की मजबूरी को समझना चाहिए।

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