जरही/भटगांव। जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम पंचायत बुंदिया में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने वन भूमि का फर्जी पट्टा बनाने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि सन 2008-09 में आठ लोगों का पट्टा बनाया गया है, उस समय सूरजपुर जिले का गठन ही नहीं हुआ था। पट्टाधारी ग्राम बुंदिया और बरपारा के एक ही परिवार के हैं। गांव के लोगों को कब पट्टा जारी हो गया, इसकी जानकारी नहीं है। पट्टाधारियों के द्वारा अतिक्रमण करने पर गांव के लोगों को इसका पता चला। वन विभाग के अधिकारी कक्ष क्रमांक पी 1692 के बीट नाकादार सुनीता पासवान, महिला जंगल दरोगा एक्का व अच्छे लाल रेंजर सूरजपुर से भाजपा मंडल के महामंत्री व सांसद प्रतिनिधि रमेश गुप्ता ने कई बार फोन कर जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।ग्राम पंचायत के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जंगल विभाग के कर्मचारी-अधिकारी कभी अपने जंगल को देखने नहीं आते हैं, जिससे यह पता चल सके कि उनके जंगल क्षेत्र में क्या चल रहा है। विवश होकर गांव वालों ने पंचायत में बैठक बुलाई और पट्टाधारी बाबूलाल, दिरन राम, अमेलाल, कपिल टोप्पो, जीवन लकडा, सफिल टोप्पो, सुनीता, फूलबाई को बुलवाया लेकिन वे नहीं आए, मात्र जीवन लकड़ा आया और बताया कि उससे मुख्य मार्ग से लगे भूमि का पट्टा बनाकर देने के लिए रुपये मांगे गए थे। इससे भू-माफियाओं के द्वारा फर्जी पट्टा बनाकर देने जैसे आरोप लग रहे हैं। तत्सबंध में तहसीलदार भटगांव व थाना प्रभारी को लिखित में सरपंच रतिया टोप्पो, उप सरपंच हुलास राजवाड़े, भाजपा मंडल महामंत्री रमेश गुप्ता, बसंत कुजूर, बनाफर, अनुकलाल कुजूर, तारजन, शिवचरण, रामजीवन उरांव, जगपाल, कलम साय, महेश, कैलाश विश्वकर्मा, राजेश, देवचंद, प्यारेलाल मिंज, गोरेलाल टोप्पो, विनोद कुजूर, कृष्णा मिंज, आशीष बाजपेयी, मोनू सिंह, विरेंद्र गुप्ता, सुखलाल राजवाड़े, विजय प्रजापति सहित सैकड़ों लोगों ने शिकायत पत्र सौंपा है।वर्ष 2008-09 में पांच लोगों को हुआ पट्टा जारीपट्टा का अवलोकन करने के बाद तहसीलदार भटगांव व थाना प्रभारी को किए गए फर्जीवाड़ा की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि पट्टा वर्ष 2008-09 में बना है, जब सरगुजा जिला था, लेकिन सभी पट्टे पर सूरजपुर जिला अंकित कर कलेक्टर सूरजपुर, सहायक आयुक्त सूरजपुर, वनमंडलाधिकारी सूरजपुर का सील साइन किया हुआ है, जबकि सूरजपुर जिले का गठन वर्ष 2012-13 में हुआ है। जब अन्य हितग्राहियों को वर्ष 2008-09 में जारी किए गए पट्टा का मिलान किया गया तो जिला सरगुजा से मात्र पांच लोगों को पट्टा जारी करना पाया गया, जिसमें जिला सरगुजा अंकित है, सील व साइन अलग है। इससे किसी गिरोह द्वारा जमीन का पट्टा बनाने का लालच देते हुए मोटी रकम वसूल कर फर्जी पट्टा थमाने का संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

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