गरीबों का आशियाना तोड़कर नही होगा विकास कार्य: डॉ विनय जायसवाल

मनेन्द़गढ़\ शहर के विकास को लेकर इन दिनों शहर सरकार और स्थानीय विधायक में घमासान मचा हुआ है। गौठान निर्माण के मुद्दे पर नपा उपाध्यक्ष कृष्णमुरारी तिवारी और मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल के बीच बयानों का दौर भी जारी है।इन सबके बीच विधायक के राजनीतिक सलाहकार पद से इस्तीफा देने के बाद नपा उपाध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि जिस आशा और उम्मीद के साथ मनेंद्रगढ़ शहर की जनता विधायक को अपना प्रतिनिधि चुना था उसमें मनेंद्रगढ़ विधायक खरे नहीं उतर पा रहे हैं। वे नगर विकास में रोड़ा बनकर सामने आ जाते हैं जिससे जिस तरह से शहर का विकास होना चाहिए नहीं हो पा रहा है ! विधायक के 18 माह के कार्यकालों में शहर में एक ऐसा काम नहीं हुआ है जिसे विधायक के उपलब्धि के रूप में देखा जाए ! अब शहर के विकास हुआ सौंदर्यीकरण को लेकर एसईसीएल की खाली पड़ी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मांग करने की बात सामने आई तो उसमें भी विधायक अतिक्रमणकारियों के साथ खड़े नजर आकर शहर विकास में रोड़े अटका रहे हैं ! जिससे शहरवासियों में विधायक की रवैया को देखकर धीरे धीरे आक्रोश पनप रहा है ! नगरपालिका उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में शासन की महती योजना के अनुसार पीडीएस भवन सामुदायिक भवन पार्क आदि के विकास कार्यों के लिए नगर पालिका को सरकारी जमीन की आवश्यकता है लेकिन सरकारी पड़ी जमीन अतिक्रमणकारियों के भेट चढ़ जा रही है इसमें कहीं ना कहीं प्रशासन की लचर रवैया भी दर्शाती है ! श्री तिवारी ने बताया कि आमा खेरवा में रेस्क्यू चौक से नगरपालिका के इंटकवेल तक सौंदर्यीकरण का कार्य नगर पालिका द्वारा किया जाना है जिसके लिए जमीन की आवश्यकता है ! आमाखेरवा में एसईसीएल की जमीन को नगरपालिका के अध्यक्ष प्रभा पटल व सीएमओ तथा वे खुद देखकर आए थे और जैसे ही लोगों को यह पता चला कि उक्त भूमि पर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है वैसे ही भू माफिया सक्रिय हो गए और उक्त भूमि पर कब्जा करना शुरू कर दिए इसमें कहीं ना कहीं एसईसीएल के सुरक्षा गार्डों की भी मिलीभगत हो सकती है जिसको लेकर उनके द्वारा सेंट्रल हॉस्पिटल के सीएमओ एवं क्षेत्रीय प्रबंधक हसदेव क्षेत्र को पत्र लिखकर एसईसीएल की भूमि में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध कब्जे को हटाने की मांग की गई थी लेकिन किसी के बने बनाए घर व दुकान को तोड़ने की ना तो बात की गई और ना ही मांग की गई। उनके दिए गए पत्र को देखा और पढा जा सकता है! लेकिन विधायक के करीबी पार्षद ने विधायक को यह कहकर गुमराह कर दिया कि एसईसीएल की जमीन में गरीब लोगों के मकान बने हुए हैं जिनको नगरपालिका के उपाध्यक्ष के द्वारा तोड़ने की मांग की गई है ।जिसे लेकर विधायक ने अपनी नाराजगी जताते हुए यह कहा कि गरीब लोगों के घर को तोड़कर गौठान व सुंदरीकरण का कार्य नहीं होने दिया जाएगा ! नगरपालिका उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी का कहना था कि शहर के विकास के लिए किसी का नुकसान कर कार्य नहीं किया जाएगा जिसे नगरपालिका की बिजली पानी सड़क की सुविधा प्राप्त हो उन घरों को कैसे तोड़ा जा सकता है खाली जमीन से अतिक्रमण हटाकर नगर पालिका विकास के कार्य करना चाह रही है इसमें भी लोगों को तकलीफ हो रही है अगर विधायक द्वारा इस तरह का रोड़ा अटकाया जाएगा तो शहर में विकास के कैसे कार्य किया जा सकेंगे ! श्री तिवारी ने बताया कि शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर, सब्जी मार्केट बनाया जाना है तथा अन्य कार्य किए जाने हैं जिसके लिए जमीन देखी जाती है और दूसरे दिन अतिक्रमणकारी उक्त भूमि पर कब्जा करने को जुट जाते हैं इस तरह से शहर के विकास के लिए तो कोई जमीन ही नहीं मिलेगी तो फिर शहर का विकास कार्य कैसे हो सकेंगे ! वहीं पूरे मामले को लेकर मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका उपाध्यक्ष के बयान पर पलटटवार करते हुये कहा कि एसईसीएल के जमीन पर काबिज किसी भी गरीब का मकान नहीं टूटेगा। मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में खाली जमीनों में गौठान का निर्माण होगा और सरकार के विकास कार्य होंगे। इसमें मेरा समर्थन है लेकिन किसी भी गरीब का मकान तोड़कर निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा । इन सबके बीच नपा के पार्षद श्यामसुंदर पोद्दार का कहना कि उक्त जमीन पर छोटे झाड़ियों का जंगल है ऐसे में वन विभाग की अनापत्ति के बिना वहाँ कोई भी निर्माण कार्य सम्भव नही है.

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