अम्बिकापुर\ शहर के कोतवाली परिसर में मंगलवार की रात जमीन धोखाधड़ी का एक आरोपी केक लेकर पहुंचा और यहां एक पार्टी की। कोतवाली के अधिकारी-कर्मचारी इसमें शामिल हुए और केक का लुत्फ उठाया लेकिन किसी ने भी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश भी नहीं की। खास बात यह भी है कि तब मामले के विवेचक कोतवाली प्रभारी भी थाने में मौजूद थे। थानेदार की मानें तो उनके चेम्बर से कुछ दूर पर हो रही पार्टी का उन्हें पता ही नहीं चला।


सरगुजा पुलिस की कारगुजारियों की फेहरिस्त में एक नया अध्याय मंगलवार को जुड़ गया। 16 मई 2020 को कोतवाली पुलिस ने सिद्धार्थ मिश्रा नामक युवक समेत अन्य के खिलाफ 420, 467, 468, 34 एवं 120 बी के तहत अपराध दर्ज किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसकी विवेचना टीआई विलियम टोप्पो कर रहे हैं। इस मामले का आरोपी मंगलवार की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अपने कुछ साथियों के साथ कोतवाली पहुंच गया। उसने आरक्षक नामुल राम का जन्मदिन मनाने की इच्छा जाहिर की। इसकी परमिशन लेने दो युवक एक एएसआई के साथ थानेदार के पास पहुंचे। कथित तौर पर थानेदार ने पार्टी करने की परमिशन नहीं दी। इसके बाद भी उनके चेम्बर से चंद कदमों की दूरी पर केक काटा गया। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने केक खाया। वीडियो बनाया गया और थानेदार को इसकी भनक तक नहीं लगी। धोखाधड़ी के आरोपी ने थाने में पार्टी की और वहां से टहलता हुआ आराम से निकल गया लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई। बुधवार को जब इसका वीडियो वायरल हुआ तो आनन-फानन में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। थानेदार से पार्टी की परमिशन किसने मांगी इसे लेकर एसपी और थानेदार के बयान में विरोधाभास है। एक ओर एसपी जहां आरक्षक द्वारा परमिशन मांगे जाने की बात कह रहे हैं, वहीं थानेदार ने एएसआई दुबे एवं दो युवकों का जिक्र किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसपी को जब मामले की जानकारी मिली तो वे थाने पहुंच गए। यहां सीसीटीवी फुटेज खंगाला। इसके आधार पर उन्होंने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया। वीडियो में इस आरक्षक के अलावा करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग नजर आ रहे हैं।

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