आश्रित ग्राम हरिहरपुर के धरनास्थल पहुंचे जिपं उपाध्यक्ष आदित्येश्वर सिंह देव
अंबिकापुर। जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण, आदिवासी संस्कृति सहित अन्य के संरक्षण एवं कोल ब्लॉक आबंटन के विरोध में दो मार्च 2022 से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठे ग्रामीणों के बीच जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव हरिहरपुर धरनास्थल पहुंचे। राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर ग्रामीणों की मांग एवं धरने का कारण जानने जब आदित्येश्वर पहुंचे तो लोगों ने बताया कि फर्जी ग्रामसभा के माध्यम से गांव की जमीन को कोल आबंटन के लिए दिया गया है, जबकि उन्होंने इसके लिए अपना समर्थन ही नहीं दिया है। ग्रामीणों ने चर्चा के दौरान बताया कि ग्रामसभा के दौरान वन अधिकार पत्र के लिए बुलाया गया था, लेकिन फर्जी तरीके से उसके स्थान पर कोल आबंटन हेतु समर्थन बता दिया गया। हरिहरपुर की सुनीता ने बताया कि उन्हें जल, जंगल, जमीन, लोककला, संस्कृति, पर्यावरण सब चाहिए। हम अपना जमीन, पहाड़ किसी दूसरे को नहीं देना चाहते। वे हरिहरपुर से पैदल रायपुर राजधानी पहुंचकर राज्यपाल को भी आवेदन दिए हैं, इसके अलावे कई जगह आवेदन दिए हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। प्रशासन, पुलिस, अधिकारी कोई भी उनकी नहीं सुन रहा है। जबरन फर्जी एफआइआर कराई जा रही है, जिससे हम दब जाएं, लेकिन हरिहरपुर और फतेहपुर के लोग एकजुट हैं, जेल जाने से भी नहीं डरते। एकजुटता से लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि सिद्धार्थ सिंह देव, जिला पंचायत सदस्य राजनाथ सिंह, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष राजीव सिंह, जनपद उपाध्यक्ष नीरज मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह, बबन रवि उपस्थित थे।
ग्रामसभा में विरोध दर्ज कराएं
जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने ग्रामीणों से बात करते हुए कहा यदि उन्हें लगता है कि पुरानी ग्राम सभा फर्जी है, तो उनके ग्राम में जब भी ग्रामसभा हो, इसका विरोध दर्शाएं, यदि पंचायत की ओर से विषय नहीं है तो अध्यक्ष की अनुमति से लेकर हर ग्रामसभा में इसे रखिए, तभी कानूनी तौर पर उनकी बातों को और अच्छे से ऊपरी स्तर तक उठाया जा सकेगा।

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