अंबिकापुर। परसा कोल खदान का विरोध कर रहे ग्रामीणों का असंतोष आज खुलकर सामने आया है। उग्र भीड़ ने खदान के चल रहे निर्माण कार्य को बंद कराते हुए कार्यस्थल पर लगे जनरेटर को फूंक दिया तथा वहां बनाए गए अस्थायी पोस्ट को भी आग लगा दिया। आगजनी की घटना के बाद खदान का समर्थन करने वाले भी वहां आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर डिप्टी कलेक्टर के साथ पहुंचे पुलिस बल द्वारा लोगों को समझाइश दी जा रही है।
परसा कोल खदान का विरोध फतेहपुर, हरिहरपुर इत्यादि गांव के ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा है। इसी तारतम्य में इनके द्वारा दो मार्च से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन ग्राम हरिहरपुर में किया जा रहा है। वहीं सरकार द्वारा खदान खोलने की अनुमति देने के संबंध में जानकारी मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। गुरुवार की दोपहर ग्रामीणों की भीड़ ग्राम साल्ही में स्थित खदान के पास पहुंची तथा कार्यस्थल में लगे कंपनी के जनरेटर व कार्य में लगे मजदूरों के अस्थाई टीन शेड से बने निवास में आग लगा दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी ग्राम सभा प्रस्ताव से खदान के लिए स्वीकृति प्राप्त की गई है, जबकि कोयला खदान के विरोध में कई बार शासन-प्रशासन को आवेदन दिया गया परन्तु इस पर अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। आगजनी से कम्पनी को कितने का नुकसान हुआ है यह अभी पता नहीं चल पाया है। घटना स्थल ग्राम साल्ही में काफी संख्या में पुलिस बल अभी मौके पर मौजूद है। घटना की सूचना पर पर थाना प्रभारी लखनपुर प्रशिक्षु आईपीएस रॉबिंसन गुड़िया, उदयपुर थाना प्रभारी धीरेंद्रनाथ दुबे सहित अन्य पुलिस बल मौके पर उपस्थित हैं। इनके अलावा प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू भी वहां पहुंच गए हैं। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा लोगों को समझाइश दी जा रही है।

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