अंबिकापुर। मुआवजा राशि स्वीकृत कराने के नाम पर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र से 65 सौ रुपये मांगने का एक आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजस्व विभाग का अधिकारी बताकर मृत पंडो जनजाति के परिजन के मोबाइल पर फोन कर मुआवजा राशि भुगतान कराने के नाम पर साढ़े छह हजार रुपये की मांग की गई है।
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत टाटीआथर निवासी मुनेश्वर की वर्ष 2020 में सर्पदंश से मौत हो गई थी। सर्पदंश से मौत में परिजन को मुआवजा राशि चार लाख रुपये शासन द्वारा दी जाती है। मृतक के परिजन की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। अब मुआवजा राशि के फाइल खर्च के नाम पर राजस्व विभाग के कथित अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। इससे जुड़ा एक आडियो वायरल हो रहा है। इसमें 19 जनवरी को विभाग के अधिकारी ने मृतक के परिजन को फोन कर कहा कि मुआवजा राशि स्वीकृत हो गई है। फाइल आगे बढ़ाने के लिए खर्च लगेगा। परिजन के द्वारा पूछे जाने पर फाइल आगे बढ़ाने के लिए क्या खर्च देना पड़ेगा तो विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि चार लाख मुआवाजा राशि है, इसे क्लियर कराकर जल्द से जल्द राशि खाते में डाल दिया जाएगा। इसके लिए साढ़े 6 हजार रुपये लगेंगे।
फोन पर हुई कुछ ऐसी बात-
आडियो रिकार्डिंग में हुई बातचीत के अनुसार अधिकारी ने मृतक के परिजन के मोबाइल पर फोन कर बताया कि मुआवजा बन रहा है, चार लाख रुपये जल्द खाते में डल जाएगा, उसका खर्च लगेगा, सबका लगता है, काम कराना है कि नहीं। किसी को जानकारी ओपन नहीं करना। सभी जगह की फाइल राजस्व मंडल रायपुर आती है। खर्च देने के बाद काम जल्दी होगा अन्यथा छह महीने, साल या कब होगा कोई गारंटी नहीं है, राशि कब मिलेगी। इसमें फाइल खर्च साढ़े छह हजार रुपये बन रहा है। फाइल आज ही पास हो रहा है तो सोचा जानकारी दे दूं। सरपंच के पास फोन लगाया तो उसने आपका नंबर दिया, क्या करना है। जल्दी करना है तो फाइल खर्च देना पड़ेगा। 30 जनवरी तक चार लाख रुपये खाते में जमा हो जाएगा। अगर साढ़े छह हजार रुपये नहीं भेजोगे तो पैसा नहीं चढ़ेगा। एक-दो साल भी लग सकता है। पंडो ने पूछा पैसा कहां जमा करना पड़ेगा। इस पर फोन करने वाले ने बताया कि रायपुर आना चाहोगे या वहीं से आनलाइन दुकान से हो जाएगा। शिवनाथ के मां का खाता नंबर और पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र भेजना। साढ़ेे 6 हजार रुपये पेमेंट डालने के लिए उसने पीडि़त के मोबाइल पर खाता नंबर व फोन पे नंबर भी भेजा है।
बयान-
मुझे अब तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
कुंदन कुमार, कलेक्टर, बलरामपुर

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