दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए छात्र की घाघी जलप्रपात में डूबने से मौतअंबिकापुर। घाघी जल प्रपात में डूबने से एक छात्र की मौत हो गई। शनिवार को वह अपने ८ अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने घाघी जल जल प्रपात गया था। जल प्रपात में घुमने के दौरान उसका पैर फिसल गया और गहरे पानी में डूब गया। इस दौरान उसके दो दोस्तों ने बचाने की भी कोशिश की पर वे भी डूबने लगे। इसे देख अन्य दोस्तों ने दोनों को किसी तरह बाहर निकाला पर मृतक को निकालने में असफल रहे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाशी शुरू की गई। लेकिन शनिवार केा सफलता नहीं मिली। रविवार को जल प्रपात के प्रवाह को किसी तरह डायवर्ट कर गोताखोर व स्थानीय ग्रामीणों की मदद से २४ घंटे बाद मृतक की लाश बाहर निकाली गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अमरदीप केनकेट्टा उम्र १६ वर्ष गांधीनगर थाना क्षेत्र के नमनाकला का रहने वाला था। वह अंबिकापुर कार्मेल स्कूल में ११वीं का छात्र था। स्कूल में अल्टरनेट परीक्षा चल रही थी। शनिवार को परीक्षा नहीं होने के कारण अमरदीप अपने ८ अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने दरिमा थाना अंतर्गत घाघी जलप्रपात गया था। करीब ११ बजे सुबह सभी दोस्त जल प्रपात में घूम रहे थे। इसी दौरान अमरदीप का पैर फिसल गया और जल प्रपात में डूबने लगा। इसे देख उसे दो दोस्त बचाने के लिए जलप्रपात में उतरे पर वे भी डूबने लगे। इन दोनों को डूबता देख उनके अन्य दोस्तों ने दोनों को किसी तरह बचा लिया पर अमरदीप को बचाने में असफल रहे। इसके बाद दोस्तों ने घटना की जानकारी गांव में जाकर लोगों को दी। गांव वाले वहां पहुंचे और डायल ११२ को जानकारी दी। सूचना पर दरिमा पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी शुरू की गई। तलाशी अभियान शनिवार की देर शाम तक चला पर पता नहीं चला। दूसरे दिन रविवार को की सुबह से पुन: तलाशी अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद गोताखोर व गांव वालों की मदद से घटना के २४ घंटे बाद उसकी लाश बाहर निकाली गई।काफी मशक्कत के बाद मिली लाशघाघी जलप्रपात में डूबे अमरदीप की तलाश में गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लाश चट्टान के समीप फंसे होने के कारण गोताखोर वहां नहीं पहुंच पा रहे थे। रविवार को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लकड़ी के पटरी व प्लास्टिक की मदद से जलप्रपात की धार को कम किया गया। इसके बाद गोताखोरों ने उसकी लाश को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। घटना के बाद से परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक के पिता की कोरोना से मौत हो गई थी। इसके बाद हादसे में बेटे की मौत हो जाने से मां के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 

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