हादसे को आमंत्रित करते जर्जर प्रा.शा भवन में खतरों के बीच बच्चे गढ़ रहे भविष्य 0 गिर रहा छत का प्लास्टर शेष कमरों की छतों में है दरारें


0 जानकारी के बाद भी जिम्मेदार मौन सुनेगा कौन


ओड़गी। सूरजपूर जिले के ओड़गी  विकासखंड के दूरस्थ गांव आनंदपुर के जर्जर प्राथमिक शाला भवन में जान जोखिम में डाल कर बच्चे अपना भविष्य गढ़ रहे है। इस जर्जर भवन के हालात की जानकारी देते हुए मरम्मत की दिशा में स्कूल के शिक्षको ने कई बार संबंधित अधिकारियों से अनुनय विनय किया है। मगर अब तक पहल नहीं होने से शाला भवन की स्थिति दिन प्रतिदिन और भी जर्जर होती जा रही है। यह स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के गृह जिले के स्कूल भवन का हाल है। अंदाज लगाया जा सकता है बाकी क्षेत्रो के स्कूल भवन के हालातों का। बताया गया है कि इस स्कूल में लगभग 53 बच्चे प्रतिदिन पढ़ाई करने आते हैं। हाल ऐसा है कि स्कूल के एक कमरे  का प्लास्टर गिर चुका है वही बचे तीन कमरों की छतों में भी दरारें आ गई हैं। ऐसे में कभी भी भवन गिर सकता है शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते प्राथमिक शाला आनंदपुर में 53 बच्चे अपना भविष्य संवारने के लिए जिंदगी से जंग लड़कर पढ़ाई करने को मजबूर है। विभागीय अनदेखी का आलम यह है कि विद्यालय के खस्ताहाल भवन की मरम्मत के प्रति विभागीय अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं ।स्कूल भवन की प्लास्टर टूट कर गिरता जा रहा है छत का प्लास्टर आए दिन टूट का गिरता रहता है छत जर्जर होने से भवन किसी भी समय गिर सकता है । बच्चों की जान को हर समय खतरा बना रहता है यदि कोई भी बड़ी अनहोनी होगी तो उसका पूर्ण जिम्मेदार शिक्षा विभाग होगा ऐसा यहां के लोगो का कहना है।


0 पत्राचार के बाद भी नहीं हुई पहल 
विकास खंड शिक्षा अधिकारी जेपी साय को कई बार पत्र लिखकर भेजा है।लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है बोला जा रहा है कि अभी निर्माण के लिए पर्याप्त पैसा विभाग में नहीं है।


0  बच्चों को बैठाने की है मजबूरी …
इस संबंध में प्राथमिक शाला आनंदपुर के प्रधान पाठक सुधाकर प्रसाद का कहना है कि वे छात्रों को भवन में बैठाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि विभाग को इस संबंध में कई बार पत्र लिखा गया है।

0 डरे हुए है अभिभावक 
भवंरखोह आनंदपुर के अभिभावक अपने बच्चों को लेकर काफी चिंतित हैं । उनके छोटे-छोटे बच्चे वहां पढ़ाई करने सुबह जाते हैं और दिन भर उसी जर्जर स्कूल भवन में रहते हैं। जिसके कारण अभिभावकों को डर बना रहता है। प्रधान पाठक व अभिभावकों के द्वारा जिला प्रशासन से जल्द से जल्द नवीन स्कूल भवन निर्माण की मांग की गई है ताकि उनके बच्चे सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकें।

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