बदहाली पर आंसू बहा रहा शिक्षा मंत्री के क्षेत्र का जर्जर प्राथमिक शाला शाला भवन

सूरजपुर। शिक्षामंत्री के क्षेत्र सरसताल का जर्जर हो चुका प्राथमिक शाला भवन जीर्णोद्धार के आभाव मे बच्चो के उपयोग का नही रह गया है। इस भवन में जाना मतलब खतरे से खेलने जैसा है। दो वर्ष पूर्व तत्कालीन जिपं सीईओ के द्वारा भवन मरम्मत हेतु कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिए गए थे। परंतु संबिधित अधिकारी ने इस ऒर ध्यान देना उचित नहीं समझा। यहीं नहीं पिछले वर्ष शिक्षामंत्री के द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने समस्या से अवगत कराकर शाला भवन के मरम्मत की बात रखी थी परंतु उन्होंने भी इस ऒर अब तक ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। जिससे शाला भवन की स्थिति और बदतर हो गई है।


विकास खण्ड प्रतापपुर का प्राथमिक शाला सारसताल सोनगरा का शाला भवन लम्बे समय से जर्जर अबस्था में जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है। शाला भवन का छत कमजोर होने के कारण बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है वहीं छत का प्लास्टर टूट- टूट कर गिरता है। जिसमे बैठ कर शिक्षा ग्रहण करना मतलब जान को जोखिम में डालना है। शिक्षकों की मेहनत की बदौलत यह विद्यालय मॉडल विद्यालय में बदल गया है। परन्तु भवन की दशा नहीं सुधर सकी है। भवन में सुधार मरम्मत कार्य नही होने के कारण भवन जर्जर की स्थिति में है,शाला के आकस्मिक निरीक्षण में पहुचे तात्कालिक जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन को शिक्षक ने समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया था तो तात्कालिक जिला सीईओ ने त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्तमान जनपद सीईओ एवं इंजीनियरिंग से प्राक्कलन तैयार कर मरम्मत कराने का निर्देश दिया था एवं किचन गार्डन की सिंचाई हेतु पम्प लगाने का निर्देश दिया था।परन्तु इस बात को दो वर्ष बीत गए अभी तक मरम्मत कार्य नही हुआ है। ऐसी स्थिति में सवाल यह उठता है कि अधिकारियों के निर्देश का भी पालन नही हो रहा है तो किसके निर्देश पर पालन होगा । शिक्षा मंत्री के क्षेत्र का विद्यालय होने के बाद भी अधिकारियों की रुचि समस्या के समाधान की ओर नजर नही जा रही है। ग्रामीणो ने बताया कि विद्यालय के भवन के छत की स्थिति जर्जर है बच्चो को विद्यालय भेजने में हमेशा दुर्घटना का भय रहता है परंतु अच्छी शिक्षा हेतु बच्चो को विद्यालय भेजना मजबूरी है। ग्रामीणो ने बताया कि यहां पदस्थ शिक्षक बहुत अच्छा कार्य कर रहे है परंतु शाला भवन एक दम जर्जर स्थिति में है अतिरिक्त कक्ष में शिक्षक एक से ज्यादा कक्षा के बच्चो को एक साथ बैठाकर अध्यापन कराते है जिसमें अत्यधिक परेशानी होती है। अच्छी शिक्षा के कारण विद्यालय की दर्ज संख्या में भी अत्यधिक बृद्धि है । शिक्षामंत्री के क्षेत्र भ्रमण के दौरान भी ग्रामीणों ने समस्या से अवगत करा शाला भवन के मरम्मत की बात रखी थी। परंतु शाला भवन की मरम्मत का कार्य अभी तक नही हो पाया है शाला भवन की दीवार अच्छी स्थिति में है सिर्फ छत पानी रुकने के कारण कमजोर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अधिकारी ध्यान दे तो आसानी से मरम्मत कार्य सम्भव है कोरोना संक्रमण के कारण विद्यालय बंद है मरमत का कार्य आसानी से सम्भव हो सकता है बस ईमानदारी से इस समस्या की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से ध्यान देकर समस्या का समाधान कर शाला भवन की मरम्मत कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।

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