अम्बिकापुर –  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सारांश मित्तर के द्वारा राज्य शासन के निर्देशों के परिपालन में संपूर्ण सरगुजा जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 की समय-सीमा में वृद्धि कर अब 17 अगस्त 2020 तक कर दिया गया है। यह आदेश सरगुजा जिले के संपूर्ण सीमा क्षेत्र के लिए 17 अगस्त 2020 या आगामी आदेश, जो पहले आए तक प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर विधि के अंतर्गत सख्त कार्यवाही की जाएगी।
  आदेश में कहा गया है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से यह तथ्य परिलक्षित है कि कोरोना वायरस के सम्पर्क से पीडित, संदेही से दूर रहने की सख्त हिदायत है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा भी यह निर्देशित किया गया है कि इससे बचने के सभी संभावित उपाय अमल में लाया जाए। यही कारण है कि कोविड़-19 के संभाब्य प्रसार को देखते हुए इसके प्रसार को रोकने के लिए न सिर्फ राज्य में बल्कि पूरे देश में कडे़ सामाजिक अलगाव के उपयोग को अपनाया जा रहा है। अद्यतन स्थिति में भी कोरोना वायरस संक्रामक बीमारी पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सकता है। अभी भी संक्रमण की स्थिति कई स्थानों पर संभावित है। अतः संक्रमण से बचाव हेतु सरगुजा जिले में स्वास्थ्यगत आपातकालिन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए यह उचित प्रतीत होता है कि दण्ड प्रक्रिया संहित 1973 के अंतर्गत लागू की गई धारा 144 की समय सीमा में वृद्धि की जाए।
आदेश में आगे कहा गया है कि इस अपात स्थिति में व्यवहारिक तौर पर संभव नही है कि जिले मे निवासरत् सभी नागरिकों को नोटिस तामिली कराई जा सके। अतः एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता 1973 अंतर्गत सरगुजा जिले में पूर्व से लागू धारा 144 की समय-सीमा मे वृद्धि की गई है। समय-समय पर भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा कार्यालय, प्रतिष्ठान और सेवाओं इत्यादि को दी गई छूट इस आदेश में भी यथावत रहेगी ।  

Categorized in: