अंबिकापुर – जहां इन दिनों प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजो की संख्या में लगातार इजाफा हो रही है। अब तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी ज्यादा मात्रा में मरीज निकल रहे हैं। इस वैश्विक महामारी में डॉक्टरों को भगवान से कम नहीं माना जा रहा है, लेकिन 108 एंबुलेंस में ड्यूटी कर रहे नर्स की घोर लापरवाही के कारण बुंदिया निवासी भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष तिवारी पैकरा को अपनी मौत देकर कीमत चुकानी पड़ी।

ज्ञात हो कि तिवारी पैकरा का मौत का जिम्मेदार परिजन ने नर्स प्रियंका दुबे को मान रहे हैं। तिवारी पैकरा कोविड मरीज थे और वे अपने घर पर होम आईसोलेशन थे फिर अचानक शुक्रवार की शाम उनको सास लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। ग्रामीणों ने तत्काल 108 बुलाया और परिजनों ने 108 के उसके माध्यम से जब उनको कोविड अस्पताल ले जा रहे थे तो परिजनों ने घर से निकलते वक्त ही नर्स को ऑक्सीजन लगाने को कहा लेकिन एंबुलेंस में मौजूद नर्स ने ऑक्सीजन की सुविधा होने के बाद भी लगाने से साफ तौर पर इंकार कर दिया और आगे देखेंगे कहकर वे पीछे की दरवाजा बंद कर आगे की सीट पर आराम से बैठ गई। कुछ ही दूर जाने के बाद परिजनों को एहसास हुआ कि मरीज की तबीयत ज्यादा बिगड़ती जा रही है परिजनों ने चिल्लाया लेकिन नर्स ने उनकी एक न सुनी और कोविड.19 अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उक्त आशय पर भारतीय जनता पार्टी मंडल भटगांव के पदाधिकारियों ने भैयाथान अनुविभागीय अधिकारी प्रकाश सिंह राजपूत को मु यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है और 108 एंबुलेंस में पदस्थ नर्स के खिलाफ धारा 302 के तहत कार्यवाही एवं नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की है।

इस संबंध ने नर्स प्रियंका दुबे ने कहा कि आरोप निराधार है मरीज की उर्म 70 वर्ष से अधिक थी उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नही थी, इसलिए ऑक्सीजन नही दिया गया।

ज्ञापन सौंपने वालों में मु य रूप से उपस्थित भाजपा मंडल महामंत्री रमेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष वरुण कुमार मरावी, सांसद प्रतिनिधि अनूप जायसवाल, भाजयुमो नेता ओम प्रकाश यादव उपस्थित थे।

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