बलंगी।विवेक पांडेय- चिकित्सकीय मानवता की पेशा है, वर्तमान समय में जहां डॉक्टर और मरीजों के बीच भले ही रिश्ते खराब की खबरें आ रही हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी खबरें हैं जो दिल को सुकून दे जाते हैं। ऐसी घटना मंगलवार को बलंगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिली, बलंगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ मुकेश साहू अपने ओपीडी में बैठे हुए थे, तभी शाम 3:30 बजे के समय बलंगी पनिका पारा निवासी अमरावती देवी (50) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्र्द पहुंची। अपने बेटे सुनील (30)को लेकर जो जहर सेवन किया था और उसकी तबीयत काफी खराब थी, वो बेहोस था अमरावती ने बताया कि उनका बेटा गुस्से में जहर खा लिया है और उनकी स्थिती काफी खराब है,साथ में कोई भी व्यक्ति नहीं था, वह अकेले ही अपने बेटे को लेकर किसी तरह हॉस्पिटल पहुंच सकी थी। हॉस्पिटल पहुंचने के बाद वह बेसुध हो रही थी।
हॉस्पिटल में उपस्थित लोग और डॉक्टर मुकेश साहू ने 108 एंबुलेंस पर कई कॉल किए, लेकिन एंबुलेंस से संपर्क नहीं हो पाया। फिर समर्पक हुआ तो लेट हो रहा था और दूसरी ओर सुनील पनिका की तबीयत खराब हो रही थी, इस बीच डॉ मुकेश साहू और दीपक सिंह ने अपने निजी वाहन से ही मरीज को बैठाकर आनन-फानन में वाड्रफनगर सामुदायिक स्वाथ केंद्र के लिए लेकर निकल दिए तभी बलंगी से 40 किलो मीटर दूर महेवा में 108 मिली और पेसेंट को एम्बुलेंस में शिफ्ट किया गया इसके बाद भी डॉक्टर साहू को सुकून नही मिला वो एम्बुलेंस के पिछे-पिछे वाड्रफनगर हॉस्पिटल तक पहुंचे। वहां डॉक्टरों की टीम ने पेसेंट सुनील को देखा और बताया कि तुरंत नहीं आता तो उसकी जान जा सकती थी फिलहाल सुनील की स्थिति सामान्य बनी हुई है। सुनील के माता का नाम अमरावती पनिका है, सूचना मिलने के बाद परिजन वाड्रफनगर पहुंचे।

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