प्रेमनगर पप्पू यादव- सूरजपुर जिले के वन परिक्षेत्र प्रेमनगर एवं तारा में महीनों भर से हाथियों ने डेरा जमा रखे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक माह पूर्व सात हाथियों के दल ने अभयपुर जंगल में पन्द्रह दिन तक लगातार डेरा जमाकर रह रहे थे हाथियों के दल में छोटे हांथी के बच्चे रहने के कारण हांथी एक ही जगह पर रहना शुरू कर देते हैं जिसकी दहसत से पूरे आसपास ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को घर से बाहर निकलना दुर्लभ हो चुका है धीरे-धीरे वन विभाग के टीम एवं ग्रामीणों के सहयोग से सात हाथियों के दल को खदेड़ते हुवे कोरबा जिले की ओर भगाया गया लेकिन हाथियों ने पुनः वन परिक्षेत्र तारा के ग्राम पंचायत हरिहरपुर के एक मुख्य मोहल्ला रीझनाबहर होते हुवे उराग नामक जंगल मे वापस आ गए वही एक ग्रामीण के घर को तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया घर मे रखे पूरे सामान को तहस-नहस कर दिए वहीं रातो रात सात हाथियों के दल ने रामेश्वरनगर में पहुंचकर एक ग्रामीण का घर तोड़ दिए उसके घर मे रखे समान को पूरी तरह से नष्ट कर दिए सात हाथियों के दल ने एक सप्ताह से उत्पात मचा रखे हैं वही ग्राम पंचायत रामेश्वरनगर के सोहरगड़ई नामक मोहल्ले में दो ग्रामीणों का घर तोड़ दिए उनके घर मे रखे सामान को पूरी तरह से नष्ट कर दिए ग्राम पंचायत महेशपुर और हरिहरपुर एवं रामेश्वरनगर के पूरे ग्रामीण एक जुट होकर वन विभाग के सहयोग से हाथियों को खदेड़ा गया लेकिन ग्राम पंचायत महेशपुर और बलदेवनगर के बीच एक बउरला बारी नामक जंगल मे तीन घर को तोड़कर नष्ट कर दिए वही घर पर जितने सामान रखे थे सभी सामान पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया किसी तरह से वहां से वन विभाग एवं ग्रामीणों के प्रयास से कोरिया जिले कि ओर भगाया गया।

महीनों भर से परेशान से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस- आज ग्रामीणों के अनुसार महीनों भर अगतपनी कर रात बिताने से कितने दिनों के लिए मुक्ति मिला है ग्रामीणों के घर उजाड़ने एवं खाने पीने वाले और कई प्रकार के उपयोगी दस्तावेजों को बर्बाद कर दिया गया जिससे ग्रामीण परेशान हैं और वही जिन ग्रामीणों के घर को तोड़ दिया गया है ओ पेड़ों के नीचे अपने परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं ग्रामीणों के अनुसार कितने किसानों के फसल को भी नुकसान पहुंचाया गया है।

ग्रामीणों ने तोड़े हुवे घर का मुवावजा जल्द से जल्द दिलवाने की लगाई गुहार- उत्पाती सात हाथियों के दल ने जिन गरीबों के आशियाने को उजाड़ कर घर से बेघर कर दिया है अपने परिवारों के साथ कड़कड़ाती ठंड में पेड़ों के नीचे मजबूर हैं उन्होंने शासन से जल्द से जल्द मुवावजा की राशि की मांग किया है जिससे उनको अपने टूटे हुवे घर को बनाकर अपने बाल परिवार को घर मे चार पहर की रात बीता सकें। मुख्य रूप से उत्पाति हाथियों ने ग्रामीणों के घर को उजाड़कर बेघर कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार ये सभी ग्रामीण ग्राम पंचायत हरिहरपुर और रामेश्वर नगर के निवासी हैं जिनके घर को उजाड़कर नष्ट कर दिया गया और रखे हुवे खाने पीने से लेकर उपयोगी सामानों को तहस-नहस कर दिए हैं।

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