मनेन्द्रगढ़ (शुद्धूलाल वर्मा) ! हमारे अनुसूचित जनजाति के भाई आज भी पिछड़े हुए हैं क्योंकि लोभवश जिन भाईयों ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है वे ही मिलने वाले आरक्षण का पूरा पूरा लाभ ले रहे हैं ।उक्ताशय का बयान देते हुए जनजातीय सुरक्षा मंच के जिला संयोजक हंसराज सिंह ने बताया कि आज से 50 वर्ष पहले इस संबंध में गुमला के सांसद स्वर्गीय कार्तिक उराँव ने संसद में 256 सांसदों से हस्ताक्षर कराकर एक प्रस्ताव पेश किया था मगर एक समुदाय के सांसदों की धमकी के कारण यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था, लेकिन अब समय आ गया है कि इस पर एक कानून बने जैसा कि अनुसूचित जाति के लिए बनाया गया कि अनुसूचित जाति के लोगों को धर्म परिवर्तन के बाद उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलता लेकिन अनुसूचित जनजाति के साथ आज भी भेदभाव जारी है। श्री सिंह ने बताया कि गुरुवार 29 अक्टूबर 2020 को कार्तिक उराँव के जन्मदिन पर देश व्यापी स्तर पर राष्ट्रपति के नाम जनजातीय सुरक्षा मंच, छत्तीसगढ़ द्वारा धर्मान्तरित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति सूची से हटाकर उन्हें दिये जाने वाला आरक्षण समाप्त करने हेतु दिया गया ताकि आरक्षण का लाभ आदि धर्म को मानने वाले जनजातीय समुदाय को मिल सके ।

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