शनिदेव के सबसे बड़े धाम, एक बार जरूर जाएं

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शनिदेव को ग्रहों में सबसे प्रभावशाली माना गया है. कहा जाता है कि शनि देव मनुष्य को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं. यही कारण है कि लोग शनिदेव की पूजा में बहुत ही सावधानी बरतते हैं और उनके प्रकोप से बचने के लिए शनिवार के दिन उनकी पूजा करते हैं.

हमारे देश में शनिदेव की कई मंदिरें है. उन मंदिरों में कुछ मंदिर पूरे देशभर में प्रसिद्ध है. इन मंदिरों में देश के हर कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं और शनिदेव की पूजा करते हैं. आज हम आपको शनिदेव के उन चमत्कारी स्थानों के बारे में बताएंगे, जहां शनिदेव विराजते हैं.

शनि शिंगणापुर-:
शनिदेव का यह मंदिर महाराष्ट्र में स्थित है. इस मंदिर की ख्याति देश ही नहीं, विदेशों में भी. बताया जाता है कि जहां शनिदेव का स्थान है, वहां पर मंदिर नहीं है. यहां पर घर तो कई हैं लेकिन उन घरों में दरवाजा नहीं है. माना जाता है कि यहां के राजा शनिदेव हैं और सभी की रक्षा करते हैं.

शनि मंदिर, इंदौर-:
शनिदेव का प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर जूनी इंदौर में स्थित है. माना जाता है कि शनिदेव का यह मंदिर दुनिया का सबसे प्राचीन शनि मंदिर है. मान्यता है कि इस मंदिर में शनिदेव स्वयं पधारे थे. कहा जाता है कि यहां पर जो भी श्रद्धालु आकर शनिदेव का दर्शन करता है, उस पर शनिदेव की कृपा बरसती है.

शनिचरा मंदिर, मुरैना-:
मध्य प्रदेश में ग्वालियर के पास स्थित शनिदेव का मंदिर त्रेतायुगीन है. मान्यता है कि भगवान हनुमान शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कराकर उन्हें मुरैना पर्वतों पर विश्राम करने के लिए छोड़ दिया था. यहां पर स्थित शनि मंदिर के बाहर भगवान हनुमान की मूर्ति भी स्थापित है.

शनि मंदिर, प्रतापगढ़-:
शनि देव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित है. मान्यता है कि यह एक ऐसा स्थान है जहां आते ही भक्त भगवान शनि की कृपा का पात्र बन जाता है. यहां प्रत्येक शनिवार को शनिदेव को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है और उसे प्रसाद के तौर वितरण किया जाता है.

शनि तीर्थ क्षेत्र, फतेहपुर बेरी-:
शनिदेव का यह मंदिर दिल्ली के महरौली में स्थित है. बताया जाता है कि यहां पर शनि देव की सबसे बड़ी मूर्ति विराजमान है. यहां पर स्थापिच मूर्ति अष्टधातुओं से बनी है. शनिदेव का यह धाम भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र है.

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