अंबिकापुर। जनपद पंचायत मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्मदापुर में पिछले 9 वर्षों में हुए निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद नोटिस तो जारी हुआ, लेकिन कार्रवाई पर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हंै। जनपद पंचायत की जांच में वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक करीब 93 लाख 92 हजार 352 रुपये के कार्यों के अभिलेख नहीं मिले हैं। इस मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बीते 15 जुलाई को 5 अलग-अलग नोटिस जारी कर तत्कालीन और वर्तमान सरपंच-सचिवों से जवाब मांगा है।
जांच के दौरान पाया गया कि, पंचायत के मूलभूत, 15वें वित्त, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य निर्माण कार्यों के रोकड़ बही, कैशबुक, व्यय प्रमाणक और नस्ती फाइल उपलब्ध नहीं हैं। अभिलेख नहीं मिलने के कारण पूरी राशि को वसूली योग्य माना गया है। बताया गया है कि, वित्तीय वर्ष 2016-17 में तत्कालीन सचिव अनिल यादव और सरपंच गणेश नाग ने 5 लाख 11 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता की है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में हुई 8 लाख 13 हजार 665 रुपये की गड़बड़ी के लिए तत्कालिन सचिव चन्द्रपाल सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 के तत्कालीन सरपंच राजनाथ भैसा के कार्यकाल में 66 लाख 67 हजार 948 रुपये की सबसे बड़ी अनियमितता पाई गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में वर्तमान सरपंच ललिता भैसा से 7 लाख 88 हजार 739 रुपये के कार्यों का हिसाब मांगा गया है। जनपद पंचायत ने सभी से तत्संबंध में जवाब मंागा है। जवाब या अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर यह माना जाएगा कि उनके द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है। इसके बाद पूरी राशि की वसूली आरसीसी के माध्यम से करने की कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण एसडीएम सीतापुर को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। हालांकि 15-16 जुलाई को कार्यालय जनपद पंचायत मैनपाट से इस संबंध में जारी किए पत्र में जांच में पाई गई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है, और जवाब, अभिलेख प्रस्तुत करने की तिथि भी समाप्त हो चुकी है। ग्रामीणों को इंतजार जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अग्रिम कार्रवाई का है, ताकि कुल 93 लाख 92 हजार 352 रुपये की गड़बड़ी कहां और कैसे हुई या इस रुपये का कहां उपयोग किया गया, यह तथ्य सामने आ सके।

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