सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने मोर्चा खोला, डेढ़ घंटे चक्काजाम के बाद मिला आश्वासन

अंबिकापुर। बनारस रोड से प्रतापपुर रोड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाली और भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान होकर डिगमा और सरगवां गांव के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ‘सड़क निर्माण संघर्ष समिति डिगमा-सरगवां’ के बैनर तले समस्त ग्रामवासियों ने शुक्रवार को करीब डेढ़ घंटे चक्काजाम करके प्रशासन की ओर से पहुंचे प्रतिनिधि को 3 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

सड़क निर्माण संघर्ष समिति की ओर से ग्रामीणों ने मांग की है कि, बनारस रोड से प्रतापपुर रोड को जोड़ने वाली सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क दोनों गांवों के साथ ही आसपास के कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण यह पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बरसात में कीचड़ और अन्य दिनों में धूल के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद करने कहा गया है। समिति का कहना है कि अवैध खनन और अन्य कार्यों के लिए बड़े-बड़े डंपर और ट्रेलर इसी सड़क से गुजरते हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क कुछ ही महीनों में टूट जाती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि, सड़क के दोनों छोर पर बैरियर लगाकर वजन सीमा तय की जाए, ताकि ओवरलोड वाहन प्रवेश न कर सकें।

गुहार के बाद सिर्फ आश्वासन मंजूर नहीं

समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के पास गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। चुनाव के समय नेता आकर सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। हालात सड़क का ऐसा है कि बच्चों का स्कूल जाना, बीमार को अस्पताल ले जाना दूभर है। एम्बुलेंस तक इस सड़क पर नहीं आ पाती, आ जाए तो हिचकोले में बीमार का दम निकल जाए। इन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन करेंगेे।

सड़क दुरूस्त करने चार दिन मांगा समय

डिगमा-सरगवां के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि, उनकी मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। अन्यथा मजबूरन उन्हें पुन: धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इंजीनियर ने चार दिन में सड़क को दुरूस्त करने का आश्वासन दिया है, इसके बाद चक्काजाम हटाया गया। इस दौरान काफी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।

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