साईं बाबा कॉलेज के पास विरोध प्रदर्शन 24 को, एनएच-43 भी हो सकता है बाधित

अंबिकापुर। बनारस रोड से प्रतापपुर रोड को जोड़ने वाली डिगमा-सरगवां सड़क पिछले डेढ़ दशक से जर्जर पड़ी है। सड़क की बदहाली से परेशान होकर ग्राम डिगमा-सरगवां के ग्रामीणों ने प्रशासन को चक्का जाम और सांकेतिक धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस रास्ते में निजी स्कूल-कॉलेज, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के अलावा एफसीआई का चावल गोदाम है। मार्ग से भारी वाहनों का आना-जाना होता है, जिस कारण सड़क लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद, बंग समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों और सरपंच प्रीति सिंह, पार्षद सुषांत घोष सहित अन्य ने हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन पत्र अनुविभागीय दंडाधिकारी अंबिकापुर को सौंपा है, और बताया है कि इस बदहाल मार्ग से रोजाना भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिस कारण हादसे का भय बने रहता है।

गर्भवती, वृद्ध और स्कूली बच्चों को परेशानी

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने से दुर्घटनाएं आम बात हो गई हैं। गर्भवती महिलाओं, वृद्धों, महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को इस जर्जर सड़क पर चलने में भारी कठिनाई हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली। ऐसे में बाध्य होकर ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि, यदि शीघ्र निर्माण नहीं हुआ तो गुरुवार 24 जुलाई को सुबह 11 बजे से बनारस रोड में साईं बाबा कॉलेज के पास धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों के आंदोलन से पहले सड़क की सुध लेता है या फिर शहर की मुख्य सड़क को जाम झेलना पड़ेगा।

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