जिला समिति ने कहा-जाति प्रमाण पत्र के जांच का अधिकार सिर्फ समिति को

बलरामपुर। जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र सत्यापन मामले में बचाव पक्ष द्वारा दायर आवेदन को खारिज कर दिया है। समिति की बैठक बीते 02 जुलाई 2026 को हुई थी।

मामला विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन से जुड़ा है। बचाव पक्ष की ओर से आदेश 01 नियम-13 व्यवहार प्रक्रिया संहिता 1908 के तहत आवेदन दिया गया था। बचाव पक्ष का तर्क था कि हाईकोर्ट बिलासपुर में रिट याचिका क्रमांक 2966/2025 लंबित है, इसलिए इस प्रकरण में प्रतिवादी क्रमांक 01 से 07 को पक्षकार बनाया जाए और उन्हें जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए।

समिति ने यह कहते हुये किया निरस्त

समिति ने कहा कि छ.ग. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2013 के तहत जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन का अधिकार केवल जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति को है। शिकायतकर्ता के अलावा अन्य पक्षकारों की इस निराकरण में कोई भूमिका नहीं है। समिति ने यह भी कहा कि जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन हेतु प्रमाणक दस्तावेज प्रस्तुत करने का भार बचाव पक्ष पर है। रिट याचिका में अंकित प्रतिवादियों को इस प्रकरण में पक्षकार बनाने की आवश्यकता नहीं है। इन्हीं आधारों पर समिति ने बचाव पक्ष का आवेदन निरस्त कर दिया।

दोनों पक्ष को निर्णय से अवगत कराया

समिति ने दोनों पक्षों को अपने निर्णय से अवगत कराते हुए बचाव पक्ष को जवाब एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु तिथि नियत की है। अगली बैठक की तिथि 21.07.2026 निर्धारित की गई है। बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक सहित समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे।

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