एक बच्चे का शव लेकर अंतिम संस्कार के लिये निकले स्वजन, मासूम के मौत की खबर पर रास्ते से लौटे

अंबिकापुर। सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में दो सगे भाईयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई। सगे भाईयों के मौत से स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना में एक बच्चे की मौत के बाद स्वजन शव लेकर अंतिम संस्कार करने गृहग्राम रवाना हुये थे, उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मासूम के मौत की खबर मिली और वे बीच रास्ते से वापस लौट गये, इसके बाद शोक का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अंतर्गत ग्राम पीपरसोत के तुर्रापारा निवासी बिरसपत नगेसिया के 3 पुत्र और 1 पुत्री हैं। दो जुलाई की रात को खाना खाने के बाद एक खाट में अपने माता-पिता के साथ बेटी सो रही थी। दूसरे खाट में बड़े पुत्र विकेश 11 वर्ष के साथ ढाई वर्ष का मासूम विक्रांत और विकास 9 वर्ष सोया था। देर रात करीब 11.45 बजे विक्रांत के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता की नींद खुली, और वे खाट के पास पहुंचे, तो वह सिसकी लेकर रो रहा था और हाथ से कान की ओर इशारा करके कुछ बताने का प्रयास कर रहा था। बच्चे को थपकी देकर शांत कराने का प्रयास वे किये, लेकिन वह चुप नहीं हुआ। वे कुछ समझ पाते, इस बीच कक्षा चौथी में पढ़ने वाला विकास नगेसिया भी बाएं हाथ की उंगली में कुछ काटने की बात कहते हुये रोने लगा। घबराये स्वजन ने लाइट की रोशनी में तीनों बच्चों को बिस्तर से हटाया, तो करैत सांप नजर आया, जो विक्रांत को दाहिने कान में और विकास को बायें हाथ की उंगली में डसा था, जिससे उन्हें असहनीय दर्द हो रहा था। करैत को घर में ही एक बर्तन से ढंककर स्वजन संजीवनी 108 एंबुलेंस से दोनों को जिला अस्पताल बलरामपुर लेकर पहुंचे, यहां से प्राथमिक उपचार के चिकित्सक ने इन्हें रिफर कर दिया। तीन जुलाई को दोनों को अलसुबह करीब 5 बजे मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर लेकर स्वजन आये, यहां आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद 5.50 बजे चिकित्सक ने विकास को मृत घोषित कर दिया। मासूम विक्रांत को आईसीयू में भर्ती किया गया था, शाम को उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मृत बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।

घर आकर बताया कल मिलेगा किताब

बिरसपत नगेसिया ने बताया कि विकास गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा चौथी में पढ़ता था। गुरूवार को स्कूल से वापस आने के बाद वह बताया था कि कल स्कूल में किताब मिलेगा। स्कूल से नया किताब मिलने को लेकर वह काफी खुश था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

सर्पदंश पीड़िता करैत को मारकर गई अस्पताल, इलाज दौरान मौत

एक अन्य घटना में जशपुर जिला के ग्राम दोकड़ा निवासी सेबेस्तिया पति वाराता लोमी खेस 43 वर्ष को बीते 30 जून को करैत सांप डस लिया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतिका की पुत्री कल्पना खेस बताई कि घटना दिनांक को खाना खाने के बाद उसकी मां चटाई बिछाकर सोई थी। एक जुलाई को अलसुबह करीब 3 बजे दाहिने पैर में घुटना के नीचे करैत सांप डस लिया था। पैर में कुछ काटने का एहसास होने पर सेबेस्तिया की नींद खुली और वह चटाई के पास सांप को देखकर उसे मार दी और अपने पति को सांप के काटने की जानकारी दी। इसके बाद उसे फरसाबहार अस्पताल ले गये, यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराये थे, यहां इलाज के दौरान बुधवार को सुबह करीब 9 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम करके मृतिका के शव को पोस्टमार्टम कराया है।

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