एक विधि से संघर्षरत बालक पकड़ाया, दूसरे के तलाश में जुटी पुलिस

अंबिकापुर। शहर के सबसे व्यस्ततम और व्हीआईपी इलाके, गांधी चौक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित करने के मामले में पुलिस ने विधि से संघर्षरत एक अपचारी बालक के विरूद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की है, दूसरे के तलाश में पुलिस लगी है। घटना सामने आने पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर आरोपी के तलाश में पुलिस लगी थी।

जानकारी के मुताबिक, 15 जून को गांधी चौक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त करने की सूचना पर थाना गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चौराहे में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा का दाहिना हाथ, छड़ी तथा चश्मा का भाग टूटा हुआ पाया। प्रतिमा के आसपास तोड़फोड़ के अवशेष बिखरे हुए मिले हैं। सार्वजनिक संपति को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जान-बूझकर क्षति पहुंचाने और आमजनों की भावनाएं आहत होने के मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 196(1), 299, 324(5) बीएनएस एवं धारा 3 सार्वजनिक संपति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत दअपराध पंजीबद्ध करके विवेचना में लिया था।

प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना गांधीनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात आरोपी के पता-तलाश हेतु घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीव्ही फुटेज को खंगाली। सीसीटीव्ही फुटेज का अवलोकन पर सामने आया कि दो अपचारी बालकों के द्वारा खेलते-खेलते प्रतिमा के हाथ, छड़ी के भाग को तोड़कर अलग कर दिया तथा और उसे वहीं फेंक दिये। दोनों बालकों की पहचान होने पर विधिसंगत कार्रवाई करते हुये एक विधि से संघर्षरत बालक के पुलिस ने कब्जे में लिया, दूसरे के तलाश में पुलिस लगी है। पूर्व में भी गांधीजी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने का मामला सामने आ चुका है, जबकि मुख्य चौराहा होने के कारण यहां सीसीटीव्ही भी लगे हैं। कार्रवाई में थाना गांधीनगर एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम की भूमिका उल्लेखनीय रही। नगर निगम अंबिकापुर एवं संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करके क्षतिग्रस्त प्रतिमा के पुर्नस्थापना एवं मरम्मत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

महापुरूषों की प्रतिमाओं का करें सम्मान

सरगुजा पुलिस ने आमजनों से अपील की है, कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित राष्ट्रीय महापुरूषों की प्रतिमाओं एवं सार्वजनिक संपति का सम्मान करें, उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण में सहयोग प्रदान करें। असामाजिक तत्वों के द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाई जाती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रसारित न करें।

राष्ट्रपिता की नयी प्रतिमा स्थापित करने की मांग

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित करने को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, और राष्ट्रपिता की नयी प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही प्रतिमा खंडित करने वाले पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि ऐसा दूसरी बार हो रहा है कि गांधीचौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित किया गया हो। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरगुजा पुलिस अधीक्षक के निवास के ठीक बगल में गांधीजी की प्रतिमा के साथ यह बर्ताव सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। वर्तमान माहौल में यह गंभीर जांच का विषय है कि कहीं इसके पीछे कोई मनोविकार वाली सुनियोजित विचारधारात्मक सोच तो नहीं है। उन्होंने कलेक्टर से तत्काल सम्मानजनक तरीके से नयी प्रतिमा को स्थापित करने की मांग की है, साथ ही प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। इस दौरान द्वितेन्द्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, संजय विश्वकर्मा, मो. इस्लाम, विनित विशाल जायसवाल, अमित सिंह एवं रत्नेश कुमार उपस्थित थे।

ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक ने कानून व्यवस्था पर किया प्रहार

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मी गुप्ता ने अंबिकापुर के हृदयस्थल गांधी चौक में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित करने की घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कानून व्यवस्था पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि पुलिस प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारी का जहां निवास है, आसपास लगातार पुलिस की गतिविधियां रहती हैं, वॉच टावर लगे हुए हैं, जिला कलेक्ट्रेट भी कुछ ही दूरी पर स्थित है, पूरे क्षेत्र चौबीसों घंटे चहल-पहल रहता है, ऐसे स्थल पर गांधीजी की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने का दुस्साहस किया गया है, यह प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा, लोकतंत्र और भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा हैं। उनकी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ केवल एक मूर्ति को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों का अपमान है। ऐसे कृत्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

प्रीमियम शराब दुकान असमाजिक हरकतों की जड़

ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक लक्ष्मी गुप्ता ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि, गांधी चौक के निकट संचालित प्रीमियम शराब दुकान को तत्काल वहां से हटाने के निर्देश दिये जाएं, ताकि इस ऐतिहासिक एवं सम्मानित स्थल की गरिमा बनी रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर प्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा सुरक्षित क्यों नहीं है। जब पुलिस अधीक्षक के निवास और जिला प्रशासन के प्रमुख कार्यालयों के आसपास स्थित प्रतिमा सुरक्षित नहीं रह सकती, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार का आघात स्वीकार नहीं करेगी।

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