अंबिकापुर। कांग्रेस ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि 15 वर्षों तक प्रदेश में शासन करने वाली भाजपा ने वर्ष 2018 तक सरगुजा को ऐसा मेडिकल कॉलेज दिया था, जिसका अपना समुचित भवन और पर्याप्त संसाधन नहीं थे। आवश्यक सुविधाओं के अभाव में प्रवेश प्रक्रिया भी कई बार प्रभावित हुई और शून्य वर्ष घोषित करने जैसी स्थिति बनी।

कांग्रेस का कहना है कि वर्ष 2018 में सरकार बनने के बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव के प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व में अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज का आधुनिक परिसर विकसित किया गया, जिसे सरगुजा संभाग की जनता को समर्पित किया गया। पार्टी के अनुसार, उनके प्रयासों से यह प्रदेश का दूसरा ऐसा मेडिकल कॉलेज बना, जहां पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की पढ़ाई भी शुरू हुई।

पार्टी ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन के निर्माण में हुई देरी को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जिस भूमि पर अस्पताल भवन का निर्माण होना था, उस पर कानूनी विवाद के कारण कार्य प्रभावित हुआ। उनका आरोप है कि भाजपा से जुड़े एक पार्षद के परिवार द्वारा जमीन पर दावा करते हुए न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) लिया गया था, जिससे परियोजना में विलंब हुआ।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि सत्ता में न रहने के बावजूद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव अस्पताल भवन के निर्माण को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वहीं, वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा गया कि राशि स्वीकृत होने के बावजूद सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में अब तक निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है।

बालकृष्ण पाठक  ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी प्रशासनिक कमियों को छिपाने के लिए पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगा रही है, जबकि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के विकास और विस्तार का श्रेय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों को जाता है।

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