अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अनिश्चितकालीन आन्दोलन को शासन से बातचीत के बाद स्थगित कर दिया है। 4 जून से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियमित कार्य पर लौट गए हैं। इससे तहसील में न्यायालयीन या अन्य कार्यों के लिए पहुंचने वाले पक्षकारों को राहत मिली है। हालांकि कार्यालयीन सूत्रों का कहना है कि तहसील में 5 जून तक न्यायालयीन कार्य, कार्यालयीन जानकारियों के आदान-प्रदान के कारण बंद रहता है, लेकिन 28 मई से ही राजस्व विभाग के अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों व पटवारियों के आन्दोलन के राह पर अग्रसर रहने से न्यायालयीन कार्य बाधित थे। तहसील कार्यालयों में नये प्रकरण नहीं लिए जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि, छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे के जारी बयान के बाद आन्दोलन को स्थगित किया गया है, न कि समाप्त किया गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि शासन के द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुरूप आगामी 15 दिन में शेष आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संघ परिस्थितियों की समीक्षा करके पुन: आगामी निर्णय लेगा। संघ के प्रतिनिधियों को शासन स्तर से आश्वासन मिला है कि, सरगुजा जिला के राजापुर में नायब तहसीलदार के साथ की गई मारपीट के मामले में शीघ्र वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तहसील कार्यालयों में अधिकारियों की वापसी के बाद गुरूवार, 4 जून को रौनक देखने को मिली। अधिकारियों के टेबल पर फाइलों का बोझ भी नजर आया। आय-जाति प्रमाण पत्र, नामांतरण और राजस्व के कई अवरूद्ध कामों का डेस्क पर बैठे तहसीलदारों व नायब तहाीलदारों ने निराकृत करना शुरू किया। तहसील न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निपटारे में भी अब तेजी आएगी। सरकार से बातचीत के बाद आन्दोलन से तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की वापसी से पक्षकार राहत महसूस कर रहे हैं।

मारपीट का यह था मामला
उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ सीतापुर विधायक व समर्थकों के द्वारा की गई मारपीट की गई थी, इसके बाद 28 मई से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार आन्दोलन कर रहे थे। इनके द्वारा आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। वहीं सरगुजा में राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी इनके समर्थन में आगे आकर आन्दोलन में शामिल हो लिए थे, जिससे राजस्व विभाग का काम पूरी तरह से ठप हो गया था। बुधवार को नायब तहसीलदार राजापुर, तुषार मानिक के द्वारा दर्ज कराए गए बीएनएस की धारा 221, 121 (1), 132, 191 (2) के मामले में दो नामजद आरोपियों नाजीम रजा पिता शेख अहमद 34 वर्ष, निवासी ग्राम पेट एवं पंकज गुप्ता पिता राकेश गुप्ता 30 वर्ष, निवासी ग्राम कोटछाल ने थाने में उपस्थिति दर्ज कराई, जिस पर सीतापुर थाना पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की। इसके बाद हालात बदले जरूर, लेकिन दो अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने राजस्व अधिकारियों को तत्काल काम पर लौटने के लिए बीते मंगलवार की शाम को ही निर्देशित कर दिया था। इन्हें कहा गया है कि जो काम लम्बित हैं, उसे प्राथमिकता देते हुये पूरा करें, निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी, हालांकि इसके बाद भी इनका आन्दोलन जारी था। प्रदेश स्तर पर संघ के द्वारा लिए गए निर्णय के बाद गुरूवार को इनकी काम पर वापसी हुई है।

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ सेवा संघ के आव्हान पर हम सभी काम बंद-कलम बंद आन्दोलन में गए थे। शासन के प्रयास से दो आरोपी थाने में उपस्थित हुए, इनके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है, इसके बाद संघ ने 15 दिवस के लिए अपनी कार्रवाई स्थगित रखने का निर्णय लिया है। वर्तमान में सुशासन तिहार भी चल रहा है, इसकी महत्वपूर्ण कड़ी राजस्व विभाग है। लोगों को सुविधाएं देना हमारा काम है। इसे देखते हुए हम सभी काम पर वापस आ गए हैं। 15 दिवस के अंदर मांग पूरी नहीं होती है तो संघ जो भी निर्णय लेगा, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास जिंदल, तहसीलदार अंबिकापुर

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