किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित राहत व बचाव के लिए रेलवे ने किया संयुक्त मॉक ड्रिल

संयुक्त माॅक ड्रिल में एसईसीएल हसदेव क्षेत्र, नगर सेना, नगर निगम चिरमिरी, एनडीआरएफ की टीम रहीं शामिल

मनेंन्द्रगढ़ (एमसीबी) । रेल दुर्घटना अथवा किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा समय-समय पर आपदा प्रबंधन संबंधी अभ्यास आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में रेलवे द्वारा 15 मई 2026 शुक्रवार को प्रातः 10 बजे से मनेन्द्रगढ़ स्टेशन यार्ड में सवारी गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने की काल्पनिक स्थिति पर आधारित एक व्यापक आपातकालीन राहत एवं बचाव अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास का संचालन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), मंडल संरक्षा विभाग तथा रेलवे आपदा प्रबंधन टीम द्वारा किया गया। इस संबंध में रेल मंडल बिलासपुर के एडीआरएम श्री निवासन ने बताया कि रेल दुर्घटनाओं में प्रभावी राहत व बचाव के लिए रेलवे द्वारा एनडीआरएफ के साथ मिलकर संयुक्त माॅक ड्रिल किया जाता है । इस संयुक्त माॅक ड्रिल में शहडोल रेलवे की टीम, मनेन्द्रगढ़ रेलवे की टीम, आरपीएफ, नगर सेना, एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की रेस्क्यू टीम, नगर निगम चिरमिरी की टीम, स्काउट एवं गाइड की टीम, एनडीआरएफ की टीम समेत स्टेट सरकार की टीमें शामिल रहीं। बिलासपुर रेल मंडल के एडीआरएम श्रीं निवासन ने बताया कि अभ्यास के दौरान दुर्घटना की स्थिति में अपनाई जाने वाली राहत एवं बचाव प्रक्रियाओं, घायलों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा राहत उपकरणों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। रेलवे प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य फ्रंट लाइन स्टाफ, रेल आपदा प्रबंधन टीम एवं स्थानीय नागरिकों को आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वित कार्य प्रणाली के प्रति प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाना है ताकि वास्तविक परिस्थितियों में कम से कम समय में कुशलतापूर्वक राहत एवं बचाव कार्य संपादित किए जा सकें। उन्होंने बताया कि रेलवे यार्ड मनेन्द्रगढ़ में आयोजित माॅक ड्रिल में सबसे पहले रेल कोच में बम लगाया फिर उसे डिस्प्यूट किया। रेल कोच में फंसे यात्रियों को दरवाजा, खिड़की व रुफ काटकर सुरक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा बाहर निकाला गया। इस अवसर पर रेलवे अधिकारियों एवं विशेषज्ञ टीमों द्वारा आम नागरिकों को भी आपदा प्रबंधन, सुरक्षा उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों की जानकारी प्रदान की गई साथ ही इस अभ्यास के माध्यम से रेलवे आपदा प्रबंधन टीम की तत्परता, समन्वय क्षमता एवं दुर्घटना राहत उपकरणों की कार्यप्रणाली का भी परीक्षण किया गया । एडीआरएम श्री निवासन ने बताया कि इस संयुक्त माॅक ड्रिल से बहुत कुछ सीखने को मिला। रेल दुर्घटनाओं में जरुरत पड़ने पर फील्ड में अच्छा से अच्छा कर पायेंगे। इसकी रिपोर्ट भी बनाकर हेड क्वार्टर भेजी जायेगी।
शुक्रवार की सुबह ठीक 10 बजे अचानक रेलवे का दुर्घटना सूचक सायरन बजा लोगों को किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हुई। रेलवे यार्ड मनेन्द्रगढ़ में काफी भीड़ देखी गई तो लोगों की आशंका यकीन में बदल रही थी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में लोगों को जानकारी हुई कि रेलवे द्वारा किसी आपदा के बचाव हेतु अभ्यास किया जा रहा है। लोगों ने अपने आंखों के सामने देखा कि किसी दुर्घटना व आपदा के समय किस तरह से राहत व बचाव कार्य किए जाते हैं। अभ्यास स्थल पर कैम्प में पानी बूथ से लेकर सूचना बूथ तक सभी तरह के बूथ लगाये थे ।

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