घर में खोदे गए गड्ढे में शव डालकर प्लाई से ढंका और पत्नी के साथ मिलकर पाट दिया था मिट्टी से

अंबिकापुर। ‘कहा जाता है कि जब तक व्यक्ति का निश्चित जीवनकाल पूरा नहीं होता, तब तक आत्मा को नया शरीर नहीं मिलता है। इस दौरान वह आत्मा ‘प्रेत, ‘पिशाच या ‘अतृप्त आत्माÓ के रूप में पृथ्वी पर भटकती है। यदि मृत्यु के समय कोई तीव्र इच्छा रह जाए, तो आत्मा प्रेतात्मा के रूप में तड़पती है। हालांकि विज्ञान भूतों या आत्माओं के अस्तित्व को स्वीकार नहीं करता है।Ó इधर गांधीनगर थाना क्षेत्र के भगवानपुर खुर्द, लोहारपारा में सनक मिजाज युवक के द्वारा मामूली बात पर अपने दोस्त की डंडे से वार करके हत्या करने और शव को घर में खोदकर रखे गए गड्ढे में डाल देने के मामले में उक्त किवदंती फिट बैठती है। करीब 8-9 दिन पहले हत्याकांड को अंजाम देने वाला अकाल मृत्यु के शिकार दोस्त की आत्मा के परछाई ‘भूतÓ बनकर पीछा करने पर आठवें दिन, मंगलवार की रात को भागते गांधीनगर थाने पहुंचा और दोस्त की हत्या करके शव को घर में खोदे गए गड्ढे में डाल देने की जुबानी पुलिस को सुनाया। घटना के बाद आरोपी लुक-छिपकर रह रहा था। आरोपी ने शव को गड्ढे में डालने के बाद मिट्टी से नहीं भरा था, बल्कि ऊपर से पटरा, प्लाई डालकर मिट्टी से पाट दिया था, इस काम में उसकी पत्नी ने भी सहयोग दिया। पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और घटनास्थल का जायजा लेकर उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर में दफन शव को बरामद किया। प्रथम दृष्टि में हत्या का कारण शराब सेवन करने से मना करना और विवाद के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त होने के रूप में सामने आया है। पुलिस मामले में अग्रिम पड़ताल कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, भगवानपुर खुर्द लोहारपारा में मृतक बृजलाल अगरिया पिता गोविन्द अगरिया 34 वर्ष और आरोपी मिथलेश कुजूर का घर आमने-सामने है। घटना दिनांक 24 मार्च की शाम को मृतक, मिथलेश के घर गया था, और उसके साथ बैठा था। यहां मिथलेश ने शराब पीने का ऑफर दिया, जिस पर बृजलाल ने नवरात्रि पर्व होने के कारण शराब पीने से इन्कार कर दिया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसमें आरोपी का मोबाइल फोन टूट गया, और वह गुस्से में आकर बृजलाल पर लाठी-डंडे से वार कर दिया, जिसमेें उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद आरोपी घर में पहले से ही खोदकर रखे गए गड्ढे में शव को डालने के बाद ऊपर से पटरा, प्लाई डाल दिया था, और अपनी पत्नी को पटरा को मिट्टी से पाट देने के लिए कहा, ताकि किसी को घर में दफन शव का राज पता न चल सके। इसके बाद वे घर से दूर बढ़नीझरिया की ओर चले गए थे। हत्या के बाद मिथलेश अंदर ही अंदर विचलित रहता था। उसे हरदम ऐसा प्रतीत होता, जैसे कोई परछाई की तरह पीछे लगा है। इधर गांव से वृजलाल के अचानक गायब होने की चर्चा भी होने लगी थी, लेकिन कहीं काम करने गया होगा, सोचकर किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। घटना के 8 दिन बाद कातिल मिथलेश खुद गांधीनगर थाने पहुंच गया और दोस्त की हत्या करके शव को घर में खोदकर रखे गए गड्ढा में दफन करना बताया। हत्या का अपराध कबूलते अपराधी को सामने देखकर पहले तो पुलिस ने संबंधित मृतक बृजलाल के बारे में व्यक्ति के जानकारी ली, तो पता चला कि वास्तव में वह कई दिनों से गांव में नजर नहीं आया है। इधर आरोपी नेे मृतक की आत्मा की परछाई के डर से मानसिक रूप से परेशान होकर पुलिस के सामने चौंकाने वाला सच्चाई उजागर किया। बुधवार को मौके पर एफएलएल के टीम की मौजूदगी में मृतक के शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।

 

मिट्टी हटने के साथ आने लगी दुर्गंध

थाना पहुंचकर हत्या की स्वीकारोक्ति करने के मामले की गांधीनगर थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। इन्होंने आरोपी से बारीकी से पूछताछ की तो वह दोस्त को मारकर अपने ही घर में दफन कर देने की बात को दोहराते रहा। पुलिस टीम ने बुधवार को आरोपी के घर पहुंची तो परछी में मिट्टी का ढेर पड़ा था। फॉरेंसिक टीम और तहसीलदार के मौजूदगी में उक्त स्थल से मिट्टी को हटवाना शुरू किया गया तो जमीन के अंदर दफन शव से उठ रही दुर्गंध आने लगी। पुलिस ने आरोपी मिथलेश कुजूर व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, और अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।

 

काम करके 8 बजे तक आ जाता था घर

मृतक के मौसेरे भाई रमेश कुमार अगरिया ने बताया कि बृजलाल का विवाह नहीं हुआ था, वह भगवानपुर खुर्द स्थित घर में अकेले ही रहता था। उसके पिता गोविन्द अगरिया बड़े पुत्र के साथ रहते हैं। आरोपी मिथलेश का घर सामने होने के कारण बृजलाल का उसके यहां आना-जाना था। बस्ती में कई दिन से बृजलाल के नहीं दिखने से वे चिंतित थे, क्योंकि वह कहीं भी काम करने के लिए जाता तो रात के 8 बजे तक घर आ ही जाता था। किसी से उसका विवाद भी नहीं होने की जानकारी स्वजन दे रहे हैं।

 

अपराधबोध खींच लाया थाने तक

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मिथलेश अपनी पत्नी के साथ गांव से दूरी बना लिया था। दोनों कभी बढ़नीझरिया गांव तो कभी आसपास के जंगल में समय काट रहा था। अंदर ही अंदर दोस्त की हत्या करने को लेकर भयभीत मिथलेश कथित रूप से किसी परछाई के विभिन्न रूपों में पीछे पड़े रहने से हलाकान रहता था। दोस्त की हत्या के बाद बनी अपराधबोध की स्थिति को वह झेल नहीं पाया और थाना पहुंचकर अपना अपराध कबूल करने में ही भलाई समझा। मिथलेश कुजूर ने घर की परछी में गड्ढा सूअर पालन के लिए खोदना बताया है। संदेह है कि योजनाबद्ध तरीके से पहले से ही आरोपी गड्ढा खोदकर रखा होगा।

बयान

घटना दिनांक को मृतक, आरोपी के घर में आया था। आरोपी ने उसे शराब पीने का ऑफर दिया, जिस पर वह नवरात्र होने के कारण इन्कार कर दिया। इस दौरान विवाद और हाथापाई में आरोपी का मोबाइल टूट गया था। मोबाइल टूटने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। मंगलवार, 31 मार्च की रात को आरोपी गांधीनगर थाने में आकर बताया कि वह मडर किया है, और अपने घर में पूर्व से खोदकर रखे गए गड्ढे में पत्नी के साथ मिलकर शव को डाल दिया है। शव बरामद करके मामले में अग्रिम जांच, कार्रवाई की जा रही है।

राहुल बंसल, सीएसपी अंबिकापुर

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