अंबिकापुर/भटगांव। प्रदेश में मार्च के महीने से गर्मी की शुरुआत हो गई है, तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को सरगुजा संभाग में बदली और धूप की आंखमिचौली के बाद अचानक मौसम करवट लिया, और आकाशीय गर्जना होने लगी, धूल भरी तेज हवाओं के कारण राहगीरों के कदम थम गए। दोपहिया चालक भी विवश होकर धूल से बचने हवाओं के थमने का इंतजार कर रहे थे। इसके साथ हुई कुछ देर की बारिश ने मौसम को तर कर दिया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को ओड़िशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश के कुछ जगहों पर तेज हवा के साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। ऐसी स्थिति आगे भी बने रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ओडिशा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसकी वजह से शुक्रवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा और हल्की बौछारें पड़ी है। इसके साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा का मिलाप मौसम में बदलाव का कारण है। मार्च अप्रैल और मई का महीना प्री मानसून का माह कहलाता है। इस बीच गरज-चमक और बारिश के साथ तेज हवा सामान्य गतिविधि होती है। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना रहती है। मौसम को देखते हुए आने वाले तीन-चार दिनों तक अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने और अधिकतम तापमान में कमी आने की संभावना है।

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