सुरक्षागत कारणों से केंद्रीय जेल अंबिकापुर किया गया शिफ्ट

बलरामपुर। जिले के हंसपुर गांव में कुसमी एसडीएम और उनके गुर्गों पर आदिवासी ग्रामीण की हत्या का आरोप है। मंगलवार की रात को मृतक का अंतिम संस्कार हुआ। वहीं कार्यालय कलेक्टर जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के प्रतिवेदन दिनांक 16 फरवरी के आधार पर बुधवार, 18 फरवरी को एसडीएम करूण डहरिया के निलम्बन का आदेश छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव ने जारी कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि, एसडीएम के साथ पकड़े गए युवकों के अलावा बाकी लोग भी थे, जिन्होंने गांव में हूटर बजाते हुए आतंक मचाया था। दरअसल, हंसपुर गांव में बॉक्साइट के अवैध उत्खनन के विवाद परएसडीएम के साथ दो निजी गाड़ियों में पहुंचे युवकों ने 3 ग्रामीणों की पिटाई कर दी थी। इनमें से आदिवासी रामनरेश राम (60) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम किया गया, लेकिन स्वजन शव लेकर नहीं गए। मंगलवार को सर्व आदिवासी समाज और कांग्रेस ने कुसमी में धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन खत्म होने के बाद मंगलवार को देर शाम राम नरेश राम का शव उनके घर पहुंचा, लाश डिस्पोज होने लगा था, इस कारण शव का रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, मारपीट में घायल अजीत उरांव और आकाश अगरिया का इलाज कुसमी स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।

एसडीएम और गुर्गों ने मचाया था आतंक
ग्रामीणों ने बताया कि, हंसपुर इलाके में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। यहां से रोज कई ट्रक बाक्साइट कोरंधा मार्ग से झारखंड भेजा जाता था। अवैध उत्खनन में सीधे तौर पर एसडीएम करूण डहरिया और कुछ भाजपा नेता शामिल थे। ग्रामीण अवैध उत्खनन का विरोध कर रहे थे। रविवार को ग्रामीणों ने अवैध बॉक्साइट लोड एक गाड़ी को रोक दी थी। ट्रक को रोकने की सूचना पर एसडीएम करूण डहरिया अपने वाहन और एक थार में सवार होकर 7-8 लोग हंसपुर पहुंचे थे। गाड़ी के हूटर की आवाज सुनकर ट्रक को रोकने वाले ग्रामीण भाग गए। खेतों में पानी पटाकर लौट रहे राम नरेश और दो अन्य लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी।

कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी
मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 10 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अमरजीत भगत संयोजक बनाए गए हैं। समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम, परास नाथ राजवाड़े, भानू प्रताप सिंह और पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की भी शामिल हैं। मामले में कांग्रेस ने प्रदेश व्यापी आंदोलन का भी ऐलान किया है।

सेंट्रल जेल शिफ्ट किए जाएंगे एसडीएम
एसडीएम करूण डहरिया को रामानुजगंज जेल से सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट किया गया है। बुधवार को उन्हें सेंट्रल जेल अंबिकापुर शिफ्ट करने के लिए दोपहर करीब 3 बजे रवाना किया गया। सुरक्षा कारणों से उन्हें अंबिकापुर शिफ्ट करने की बातें सामने आ रही है।

एसडीएम के निलम्बन का आदेश जारी
राज्य शासन ने कुसमी एसडीएम करूण डहरिया को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनकी पिटाई से हुई एक ग्रामीण की मौत की जांच के बाद की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें कमिश्नर सरगुजा अटैच किया गया है, वे 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

 

 

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