अंबिकापुर। सड़क हादसे में घायल महिला की शहर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल मौत में हो गई। महिला की मौत के बाद स्वजन ने अस्पताल के डॉक्टरों पर समय पर इलाज नहीं करने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। वहीं मौत के बाद शव को आननफानन में मर्च्युरी में रखने को लेकर भी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।

जानकारी के अनुसार ज्योति मंडल पति विजय मंडल 28 वर्ष सूरजपुर जिला के जयनगर थाना अंतर्गत ग्राम गणेशपुर की रहने वाली थी। ज्योति, मंगलवार की सुबह करीब 11 पति के साथ बाइक में सिलफिली बैंक जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक क्रमांक सीजी 15 एडब्ल्यू 0406 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए इन्हें ठोकर मार दिया। हादसे में ज्योति मंडल सड़क पर फेंका गई थी, उसे सिर सहित शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोटें आई थी। स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराए थे। यहां दो घंटे तक इलाज चलने के बाद महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद स्वजन ने चिकित्सक पर समय पर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया। महिला के मामा राजू मिर्धा का कहना है दुर्घटना के बाद उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया। यहां केवल एक इंजेक्शन लगाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद उसे न तो कोई डॉक्टर देखने आया और न ही स्टाफ नर्स। आरोप है कि कुछ देर बाद जब ज्योति को दो-तीन बार सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो इसकी जानकारी यहां के स्टाफ को दी गई, पर किसी ने ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। अंतत: महिला की मौत हो गई। इसके बाद कोहराम की स्थिति बन गई और आननफानन में शव को मर्च्युरी में भेजवा दिया गया। शव को गायब देखकर एक बार फिर क्षणिक हंगामा मचा, जिस पर पुलिस ने शव को मर्च्युरी में रखवाने की जानकारी दी। स्वजन का कहना है कि उन्हें मृत्यु के बाद शव मुर्दाघर में ले जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई। इनका कहना है कि अगर समय पर इलाज व ऑक्सीजन की सुविधा दी गई होती तो उसकी जान बच सकती थी। पुलिस की समझाइस के बाद स्वजन पोस्टमार्टम कराए, और शव लेकर अस्पताल से रवाना हुए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन मामले में लापरवाही नहीं मानते हुए मौत का अन्य कारण मान रहा है।

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