भर्ती में कूटरचित दस्तावेज के उपयोग का लगा था आरोप

अंबिकापुर। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सीतापुर के आदेश के पालन में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे आंगनबाड़ी में सहायिका की नौकरी हासिल करने वाली आरोपिया के विरूद्ध सीतापुर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसके पहले उक्त पद के लिए चयनित महिला ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कलेक्टर तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई, इससे व्यथित होकर महिला न्यायालय के शरण में पहुंची थी।
सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भारतपुर की श्रीमती शशिकला तिर्की पति फिलिपियुस तिर्की 24 वर्ष ने न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी सीतापुर के यहां दिए गए आवेदन में उल्लेख किया था कि आंगनबाड़ी सहायिका के पद के लिए वह स्वयं और गांव की ही श्रीमती बालामति, पिता मुन्ना राम, पति कृष्णा यादव 32 वर्ष ने कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना सीतापुर में आवेदन पत्र जमा किया था। आवेदिका अपने आवेदन पत्र के साथ शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा की थी। अनावेदिका बालामति भी शैक्षणिक योग्यता के रूप में 8वीं की अंकसूची जिला पूर्व माध्यमिक प्रमाणपत्र परीक्षा 2008 की अंकसूची जमा की थी। कार्यालय परियोजना अधिकारी द्वारा दोनों के योग्यतानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मूल्यांकन पत्रक जारी किया गया, जिसमें आवेदिका शशिकला का नाम उसकी 8वीं की अंकसूची के आधार पर प्रथम वरीयता के रूप में दर्ज था। आरोप है कि कार्यालय द्वारा कुछ दिनों बाद दूसरी वरीयता सूची जारी की गई, जिसमें अनावेदिका द्वारा 8वीं की अंकसूची, जो पूर्व में जिला पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 का पेश की थी, उसकी जगह जिला समतुल्यता पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 का अंकसूची परियोजना अधिकारी से मिलकर अपने आवेदन के साथ संलग्न कर दी और उक्त अंकसूची के आधार पर वरीयता सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर ली। ऐसे में आवेदिका का सवाल है कि बालामति ने एक वर्ष में ही जिला पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 की अंकसूची तथा जिला समतुल्यता पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र परीक्षा 2008 की अंकसूची कैसे प्राप्त कर लिया। दावा किया गया है कि जिला समतुल्यता पूर्व माध्यमिक प्रमाण पत्र प्रथम दृष्टया फर्जी व झूठा है, इसमें परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना सीतापुर की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है, जिस कारण सहायिका पद पर उसकी नियुक्त हो गई। आवेदिका व अन्य अभ्यर्थियों ने तत्संबंध में कलेक्टर, जिला परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग, पुलिस थाना सीतापुर व पुलिस अधीक्षक सरगुजा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत की परंतु उनके द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) का मामला दर्ज कर लिया है।

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