ठगी के मामले में दुकान संचालक सहित दो के विरूद्ध केस दर्ज

अंबिकापुर। मोबाइल फोन खरीद-बिक्री का झांसा देकर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 16 लाख रुपये का लेनदेन करवाने के नाम पर ठगी के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने मोबाइल दुकान के संचालक सहित दो लोगों के विरूद्ध केस दर्ज किया है।
अर्पित अग्रवाल ने पुलिस को बताया है कि अप्रेल 2024 में आदित्य गुप्ता से पहचान हुआ जो रियल स्टेट में काम करता है। यहां से प्राप्त धन राशि को वह स्टॉक मार्केट में निवेश करने का प्रस्ताव रखा, जिससे दोनों बीच संबंध प्रगाढ़ हो गए। इस दौरान लगभग 6 लाख रुपये निवेश करने के लिए दिया, जिसमें आदित्य व अर्पित के बीच क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत लाभ एवं हानि की साझेदारी हुई थी। अक्टूबर 2025 में आदित्य गुप्ता ने आयुष सिंह राजपूत को बहुत बड़ा रेत माफिया बताते हुए अर्पित से मिलवाया और बताया कि इनका करोड़ों का कारोबार है और कान्हा मोबाइल की तरफ से भी काम करता है। आयुष सिंह से जान-पहचान होने के बाद अक्टूबर माह में आयुष सिंह अर्पित को झांसे में लेते हुए बताया कि विवो के फ्लैगशिप फोन पर क्रेडिट कार्ड के माध्यम से प्री बुकिंग पर भारी छूट मिल रही है, यह फोन बड़े मोबाइल डिलर, कान्हा मोबाइल के पास उपलब्ध हो सकता है। इसके बाद आयुष सिंह के साथ अर्पित 12.11.2025 को कान्हा मोबाइल दुकान गया और पहला ट्रांजेक्शन स्वयं के क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किया। आयुष बताया कि 14 दिन के बाद मोबाइल की डिलेवरी होगी, नहीं मिलने पर पैसा वापस कर दिया जाएगा। पुन: आयुष 25 और 28 नवंबर को करीब 5 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड से प्री ऑडर के लिए, 10.12.2025 को एक्सक्लुसिव ऑफर्स बताकर 2 लाख रुपये का ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, 12.12.2025 को बेहतर ऑफर कहते हुए 5 लाख रुपये, 17-18 दिसंबर को 2 लाख 80 हजार रुपये एवं 66 हजार का ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड के माध्यम से सभी ट्रांजेक्शन कान्हा मोबाइल के खाते में कराया गया, और मोबाइलों की डिलेवरी जनवरी के पहले सप्ताह में होने की बात कही गई, लेकिन सारी बातें बकवास साबित हुई।
डिलेवरी कैंसिल होने की दी जानकारी, रुपये भी वापस नहीं मिला
मानसिक रूप से परेशान होकर अर्पित अग्रवाल 26.12.2025 को इशा फाउंडेशन आश्रम कोयम्बटूर चले गया, आयुष सिंह ने फोन से बात करने पर कहा कि फोन की डिलेवरी कंैसिल हो गई है और पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। माह भर घुमाने के बाद भी रुपये वापस नहीं मिला। इनकी बातों से परेशान होकर जब अर्पित कोयम्बटूर से वापस आकर कान्हा मोबाइल के संचालक आयुष अग्रवाल से स्वयं जाकर मिला तो उसका कहना था कि ट्रांजेक्शन में फोन के लेन-देन संबंधी कोई बात नहीं हुई थी, बल्कि सारे ट्रांजेक्शन आयुष सिंह के द्वारा नकद राशि लेने के लिए करवाए गए थे। आयुष अग्रवाल ने अर्पित को बताया कि उसके जाने के बाद आधे से एक घंटे के अंतराल में वह सभी ट्रांजेक्शन का कमीशन काटकर आयुष सिंह को नकद लगभग 16 लाख रुपये भुगतान किया है, जो दुकान में लगे सीसीटीव्ही फुटेज में रिकार्ड है।

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