कांग्रेस की सत्ता से विदाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री का प्रथम सरगुजा प्रवास, सिंहदेव समर्थकों की बनी रही दूरी

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन में सत्ता से कांग्रेस के विदा होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सोमवार को प्रथम सरगुजा प्रवास हुआ, वे सड़क मार्ग से उदयपुर और लखनपुर होते हुए देर शाम अंबिकापुर पहुंचे थे। सूरजपुर में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने के पहले उनका अंबिकापुर प्रवास हुआ और रात्रि विश्राम किए। इस बीच वे नगर पालिक निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के निवास में पहुंचे, जो सरगुजा राजपरिवार और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के काफी करीबी हैं। इन सबके बीच पूर्व उप मुख्यमंत्री से जुड़े कांग्रेस समर्थकों की बनी दूरी सुर्खियों में रही, इसे गुटबाजी के नजरिए से भी देखा जा रहा है। बात करें टी.एस. सिंहदेव की तो इन दिनों वे सरगुजा में नहीं हैं।
इन सबके बीच कांग्रेस के सरगुजा जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और सिंहदेव समर्थकों के द्वारा स्वागत, मुलाकात नहीं करने के परिप्रेक्ष्य में बड़ी शालीनता से मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि भूपेश बघेल पूर्व मुख्यमंत्री ही नहीं, हमारे वरिष्ठ नेता हैं, पंजाब के प्रभारी हैं, राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे यहां व्यक्तिगत कार्यक्रम में आए थे। उनके प्रोटोकाल में कांग्रेस का कहीं उल्लेख नहीं है। किसी के यहां शादी वगैरह में आए हों, या निमंत्रण होगा, उसमें नहीं पहुंच पाए होंगे, तो अपना उपस्थिति दर्ज कराने आए थे। उनका कार्यक्रम सूरजपुर में है, वहां कांग्रेस पार्टी के लोगों को खबर होगा। यहां जिला, ब्लाक कांग्रेस के किसी से मुलाकात के लिए उनका समय नहीं रखा गया था, उन्हें जहां जाना था गए। बालकृष्ण पाठक ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान के परिप्रेक्ष्य में कहा इसमें वे कोई कमेंट नहीं करेंगे, हम लोग एक हैं, कांग्रेस एक है। भूपेश से मुलाकात नहीं करने के सवाल पर बालकृष्ण पाठक ने कहा बिना बुलाए तो मैं वहां भी नहीं जाऊंगा… शंकरघाट में। टीएस बाबा नहीं बुलाते हैं, तो नहीं जाता हूं। मैं गरीब पंडित हूं, लेकिन स्वाभिमानी हूं, बिना बुलाए किसी के यहां नहीं जाता हूं।
बता दें कि कांग्रेस शासनकाल में मुख्यमंत्री पद के ढाई-ढाई साल के फार्मूले को लेकर भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच अनबन की चर्चाएं लगातार सामने आती रही, लेकिन सार्वजनिक मंच पर दोनों के बीच टकराव देखने को नहीं मिला। इन्हें जय-वीरू की जोड़ी संबांधित करने में भी लोग पीछे नहीं रहे। पूर्व मुख्यमंत्री के सरगुजा में प्रस्तावित दौरे को लेकर अमरजीत भगत लगातार जिला कांग्रेस कार्यालय जाकर वरिष्ठ कांग्रेसजनों से मुलाकात करते रहे, लेकिन इसका कोई प्रतिफल भूपेश बघेल के अंबिकापुर आगमन दौरान देखने को नहीं मिला। उदयपुर और लखनपुर क्षेत्र, जहां सिंहदेव समर्थकों का वर्चस्व है, वहां भी इनके स्वागत के लिए कांग्रेस नेता या कार्यकर्ता के सामने नहीं आने की बातेंं सामने आ रही हैं। यही स्थिति अंबिकापुर में भी देखने को मिली, हालांकि यह प्रोटोकाल का भी हिस्सा हो सकता है। बहरहाल इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थकों के घर में जाकर रात्रि भोजन और सुबह नाश्ता किए, इसके बाद सूरजपुर में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने रवाना हुए। भूपेश बघेल मंगलवार को सुबह दानिश रफीक के घर पहुंचे, यहां भी सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात किया और अपनी बातों को उनके समक्ष रखा।

भूपेश-टीएस को मैं एक मानता हूं

कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि भूपेश बघेल हमारे वरिष्ठ नेता हैं, राष्ट्रीय महासचिव हैं, इतने बड़े नेता से बिना बुलाए मैं कैसे मिलने चले जाऊंगा। उन्होंने कहा यहां आते तो पलक-पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत करता। फूल-माला से स्वागत करता, उनका मार्गदर्शन लेता। उनके मार्गदर्शन का आकांक्षी हूं मैं। उन्होंने कहा भूपेश-टीएस को मैं एक मानता हूं। दोनों को करीब से देखा हूं और जानता हूं।
पारिवारिक कार्यक्रम में आया था-बघेल
छत्तीसगढ़ सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री का पंचवर्षीय कार्यकाल बिताए भूपेश बघेल से पत्रकारों ने जब कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित सिंहदेव गुट के लोगों के दिखाई नहीं देने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीति या संगठन का कार्यक्रम नहीं है, वे यहां पारिवारिक कार्यक्रम में मिलने के लिए पहुंचे थे।
पीसीसी चीफ भी नहीं पहुंचे अंबिकापुर
पीसीसी चीफ दीपक बैज भी अंबिकापुर नहीं पहुंचे, जबकि उनके लिए उसी विश्रामगृह में कमरा आरक्षित किया गया था, जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रात्रि विश्राम किया। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भोजन, पूर्व खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह बाबरा ‘राजूÓ के निवास पर किया। सत्ता जाने के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन पर उम्मीद थी कि कांग्रेस के नेताओं की एकजुटता सामने आएगी, लेकिन इसे लोग गुटबाजी की संज्ञा दे रहे हैं।
फासिस्टवादी ताकत से निपटने मिलकर रहना जरूरी-भगत
पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने गुटबाजी के सवाल पर कहा कि, कांग्रेस के नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सर्किट हॉउस में आकर मिले। दानिश रफीक और शफी अहमद के यहां भी पार्टी के कार्यकर्ताओं की मुलाकात हुई है। गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नजर नहीं आने पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। सभी मिलकर रहेंगे तभी फासिस्टवादी ताकत से निपट पाएंगे, और भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में हरा पाएंगे।

Categorized in: