खदान बंद करने और एफआईआर खारिज करने की मांग पूरी नहीं हुई तो एनएच में चक्काजाम की चेतावनी

नवपदस्थ कलेक्टर से मिलने पहुंचे ग्रामीण खदान बंद करके मनाएंगे गांव गणराज्य दिवस

अंबिकापुर। एसईसीएल विश्रामपुर क्षेत्र द्वारा लखनपुर ब्लॉक अंतर्गत स्थित अमेरा खुली खदान के लिये किए गए विस्तार को ग्राम पंचायत परसोड़ीकला के ग्रामीणों ने गैर कानूनी बताते हुए अवैध रूप से खुली खदान को बंद कराने और ग्राम सभा सदस्यों के विरूद्ध कराए गए एफआईआर को खारिज करने की मांग की है। सोमवार को काफी संख्या में कलेक्टोरेट कार्यालय अंबिकापुर पहुंचे महिला-पुरूषों ने कहा कि 24 दिसम्बर के पूर्व उचित कानूनी कार्रवाई करते हुए ग्रामसभा को अवगत नहीं कराने पर सरगुजा संभाग के सभी पंचायतों की ग्रामसभाएं संयुक्त रूप से अंबिकापुर-बिलासपुर हाइवे में एक दिवसीय चक्काजाम करते हुए गांव गणराज्य दिवस मनाएंगे। गांव में रैली निकालकर एसईसीएल की अवैध खदान को बंद कराएंगे और गांव को स्वतंत्र कराने की पहल करके राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
पारम्परिक आदिवासी महासभा के संयोजक जंगसाय पोया, ग्राम सभा अध्यक्ष रामबाई मराबी सहित अन्य ने इस पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीणों पर लाठी, डंडा बरसाकर कोल माइन्स का संचालन किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कानून को ताक में रखकर और ग्रामीणों पर दबाव बनाकर जिस प्रकार ग्राम सभा की धज्जी उड़ाई जा रही है, नियमों के विपरीत भूमि अधिग्रहण कानून का माखौल उड़ाया जा रहा है, कोल बेयरिंग एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा है, इसका जोर-शोर से विरोध किया जाएगा। परसोड़ीकला की सरपंच करिश्मा सिंह, अमृत राम, गोवर्धन राम, दिनेश राम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि भारतीय संविधान पांचवीं अनुसूची के तहत सरगुजा जिला अनुसूचित क्षेत्र अंतर्गत आता है। यहां पेशा कानून 1996 एवं छ.ग. पेशा अधिनियम 2022 प्रभावी है। वन अधिकार अधिनियम 2006 व संशोधित अधिनियम 2012 की धारा 5 सामुदायिक वन अधिकार का प्रक्रिया पूर्ण किए बिना ही अधिग्रहण की प्रक्रिया गलत एवं कानून के विपरीत है। इसके बावजूद बीते 3 दिसम्बर, बुधवार को अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, थाना प्रभारी लखनपुर एवं एसईसीएल व एलसीसी के महाप्रबंधक संजय सिंह, राघवेन्द्र पाण्डेय के अगुवाई में बिना ग्राम सभा प्रस्ताव व सूचना के अमेरा खदान के विस्तार हेतु ग्रामवासियों पर डंडा बरसाया गया, जिसमें कई ग्रामीण घायल हो गए। अश्रुु गैस के गोले बरसाए गए। बेहोश महिलाओं को घसीटते हुए ले गए, इनकी इज्जत के साथ खिलवाड़ किया गया। आरोप है कि इस दौरान दो बकरा और एक बकरी को भी मारकर अपने साथ ले गए। कई एकड़ में लगी गेहंू की फसल को नुकसान पहुंचाया गया। सिंचाई के साधनों को तोड़-फोड़ दिया गया। घटना से सभी ग्रामीण डरे, सहमे हैं। इनका कहना है कि प्रशासनिक अमला एसईसीएल अमेरा के अधिकारियों के साथ मिलकर ग्रामीणों पर अत्याचार करने में लगा है।
ग्रामसभा के सम्मान से खिलवाड़
ग्रामीणों ने परसोड़ीकला में पूर्व में घटित हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराते हुए गैरकानूनी तरीके से खोली गई खदान को तत्काल बंद कराने और 150 ग्राम सभा सदस्यों के ऊपर दर्ज कराए गए फर्जी एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मारपीट करने वाले व कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाने वालों, दोषी अधिकारियों के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रशासन के अधिकारी ग्राम सभा के सम्मान और अधिकार को बरकरार रखें, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी ग्राम सभा के निर्णय का उल्लघंन करने की हिम्मत न करे।

 

 

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