सर्व ब्राह्मण समाज ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौर के दिन हेलीपैड पर धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी
अंबिकापुर। प्रधान आरक्षक अपने भाई व साथियों के साथ मिलकर रविवार की रात अधिवक्ता व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेश तिवारी, उनकी पत्नी व बेटे के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया। अधिवक्ता की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने प्रधान आरक्षक, उसके भाई व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज ने पुलिस विभाग में हवलदार संतोष कश्यप की गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपा है, साथ ही हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की मांग की है। समाज द्वारा चेतावनी दी गई है कि 24 घंटे के भीतर प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दिन हेलीपैड पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समाज ने आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी द्वारा ऐसा अपराध करना विभागीय शपथ का उल्लंघन और कानून-व्यवस्था की अवहेलना है।
जानकारी के मुताबिक गांधीनगर थाना क्षेत्र के पटेलपारा उरांव काम्पलेक्स के पीछे, पुराने आरटीओ गली, फुंडुरडिहारी में ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष, अधिवक्ता राजेश तिवारी का मकान है। 15 नवम्बर को रात करीब 11 बजे उनका पुत्र राहुल तिवारी कार को गेट के अंदर पोर्च में खड़ा करने के लिए डॉ. टेकाम के घर के पास तिराहा मोड़ पटेलपारा की ओर मोड़ने गया था। कार को मोड़कर जैसे ही अपने घर की ओर आने के लिए मोड़ रहा था, उसी समय मोड़ के पास हवलदार संतोष कश्यप और एक अन्य लड़का अपनी वाहन को उनके पुत्र के वाहन के सामने अड़ा दिए और इंडिकेटर नहीं देने की बात कहते हुए गाली-गलौज करते हुए राहुल को गाड़ी से खींचकर बाहर निकालकर मारपीट करने लगे। धक्का देने से उनकी कार का पिछला चक्का नाली में चले गया। मारपीट की जानकारी फोन करके वह अपने पिता को दिया, तो राजेश तिवारी अपनी पत्नी संध्या तिवारी के साथ घटनास्थल पर गए। पुत्र से मारपीट होते देखकर उन्होंने समझाइस देते हुए आप पुलिस वाले हो, कहते हुए उसका नाम जानना चाहा तो पहले वह अपना नाम राजू कश्यप, बाद में सही नाम संतोष कश्यप बताया। एक अन्य व्यक्ति का नाम नहीं बताया। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि रक्षक होकर भक्षक कैसे बन गए, राहुल को क्यों मार रहे हो, इसके बाद दोनों वहां से चले गए। अधिवक्ता ने अपने पुत्र को नाली में फंसी गाड़ी को निकलवाकर घर आने के लिए कहा और वे अपनी पत्नी के साथ पैदल घर की ओर जाने लगे। इधर संतोष कश्यप अपने भाई संदीप कश्यप व अन्य दो लोगों के साथ घटनास्थल पर पुन: पहुंचा और राहुल के साथ मारपीट करने लगा। रोड पर गिरे राहुल पर सभी लात-मुक्का से जानलेवा हमला कर रहे थे। राहुल की आवाज सुनकर घर जा रहे माता-पिता वापस घटनास्थल पहुंचे तो प्रधान आरक्षक सहित अन्य अभद्रतापूर्वक पेश आते हुए जान से मारने की धमकी देकर उनके साथ भी मारपीट पर उतारू हो गए। बीमारी से पीड़ित संध्या तिवारी को भी आरोपियों ने नहीं बख्सा। मारपीट से संध्या तिवारी अचेत हो गई, अधिवक्ता का बांया पैर फैक्चर हो गया और दाहिने हाथ के अंगूठा व सिर में चोटें आई हैं। अधिवक्ता राजेश तिवारी ने बताया कि मारपीट करने के बाद आरोपियों ने भविष्य में कहीं भी दिखने पर जान से मार देने की धमकी दी है। घटना की सूचना रात में ही थाना गांधीनगर में दी गई, जिस पर पुलिस ने तीनों का डॉक्टरी मुलाहिजा कराया। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) का मामला दर्ज किया है।
आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे अधिवक्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश तिवारी एवं उनके परिवार के साथ प्रधान आरक्षक सहित अन्य के द्वारा की गई मारपीट के मामले में अधिवक्ता संघ ने घटना की भर्त्सना की है। बार रूम में अत्यावश्यक बैठक करने के बाद अधिवक्ता एकजुट होकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय तक रैली के शक्ल में पहुंचे और संबंधित पुलिस वाले सहित अन्य आरोपियों का पैरवी किसी भी अधिवक्ता व लीगल डिफेंस वाले भी न करें, ऐसा प्रस्ताव पारित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही अधिवक्ता संरक्षण कानून के संबंध में राज्य एवं केंद्र सरकार को पत्र लिखने कहा गया है।

 

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