परियोजना अधिकारी की मांग पूरी नहीं कर पाई बेवा, दस्तावेज देने के बाद भी कार्रवाई नहीं
उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवटिकरा की उषा पैकरा ने कलेक्टर और महिला बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती में परियोजना अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है, लेकिन शिकायत के बाद भी किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई। आरोप फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी दिलाने का भी लगाया गया है।
शिकायतकर्ता उषा पैकरा ने चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संतोषी पैकरा पर फर्जी दस्तावेजों और रिश्वत के सहारे नौकरी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी दयामनी कुजूर ने भर्ती के दौरान कहा था कि आपका सभी दस्तावेज सही है, कुछ खर्चा देना पड़ेगा। रिश्वत नहीं देने पर योग्य होने के बावजूद सही नंबर नहीं दिया गया और भर्ती में विधवा होने का लाभ भी नहीं दिया गया। इसके साथ ही अपात्र अभ्यर्थी संतोषी पैकरा को रिश्वत के दम पर नौकरी का लाभ दे दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर में रिश्वत के दम पर कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती में नियुक्ति करने का कई बार मामला आ चुका है। भर्ती के तुरंत बाद ग्राम कुमडेवा के एक युवती ने भी लेन-देन का वीडियो बनाकर वायरल किया था, उसने भी आरोप लगाया था कि परियोजना अधिकारी उदयपुर ने रिश्वत लेकर फर्जी तरीके से नियुक्ति की है, जिसका दस्तावेज कलेक्टर के जनदर्शन में प्रस्तुत किया गया, लेकिन आज तक उस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इधर बेवा महिला उषा पैकरा न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रही है। उन्होंने आरटीआई के तहत फर्जी दस्तावेज हासिल करके कलेक्टर के जनदर्शन में प्रस्तुत किया है। उदयपुर तहसीलदार से जांच प्रतिवेदन 6 माह पहले, 7 जुलाई को मांगा गया था। आरोप है कि उदयपुर तहसील का 6 माह चक्कर लगाने के बाद भी उसकी फरियाद को अनसुना कर दिया गया। कलेक्टर के आदेशों का भी उदयपुर तहसीलदार के द्वारा पालन नहीं करने से महिला खफा है।
दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने के बाद भी चुप्पी
कलेक्टर न्यायालय ने तहसीलदार से 7 जुलाई 2025 को पटवारी प्रतिवेदन व पंचायत के पंचनामा को प्रस्तुत करने के लिए कहा था, जिसमें फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करना पाया गया है। इसका दस्तावेज शिकायतकर्ता जनदर्शन में प्रस्तुत कर चुकी है। इधर नायब तहसीलदार आकाश गौतम से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को प्रस्तुत किया गया है। एसडीएम बन सिंह नेताम ने जांच रिपोर्ट आगे प्रस्तुत करने की बात कही। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जेआर प्रधान भी ज्वाइनिंग के बाद की प्रक्रिया का हवाला देते हुए जांच कराने की बात कर रहे हैं।

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