राजेन्द्र ठाकुर बलरामपुर 

बलरामपुर।
शहर के मेन रोड पर स्थित एक कथित मेडिकल स्टोर में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना घटी है। महज 7 साल के मासूम अनमोल एक्का ने जिंदगी की जंग हार दी, और वजह बनी एक झोलाछाप की लापरवाही। इलाज के नाम पर खिलवाड़ ने एक माँ की गोद हमेशा के लिए सूनी कर दी।
वार्ड क्रमांक 08 की रहने वाली गरीब आदिवासी महिला सुशीला एक्का ने सिटी कोतवाली बलरामपुर में लिखित शिकायत दी है। उनके शब्दों में दर्द और आक्रोश दोनों झलकते हैं। सुशीला का आरोप है कि शम्भू मेडिकल स्टोर संचालक शम्भू विश्वकर्मा, जो खुद को “डॉक्टर” बताकर लंबे समय से लोगों का इलाज करता रहा है, ने उनके नन्हे बेटे को “टेक्सिम 500 एमजी” का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही बच्चा वहीं बेहोश एवं उल्टी होने लगा

माँ की आँखों के सामने बच्चे की साँसें थम गईं।

घटना बुधवार की रात लगभग 8:30 बजे की है। घुटने में चोट के छोटे से घाव को लेकर सुशीला बेटे अनमोल को शम्भू मेडिकल स्टोर पहुँची थीं। उन्हें क्या पता था कि छोटी सी तकलीफ़ को लेकर किया गया यह कदम जीवन का सबसे बड़ा दुःख बन जाएगा। इंजेक्शन लगते ही अनमोल की हालत बिगड़ गई। घबराए शम्भू विश्वकर्मा उसे अपनी बाइक से जिला अस्पताल ले गया। वहाँ से डॉक्टरों ने तत्काल गंभीर स्थिति को देखते हुए अम्बिकापुर रेफर किया। पर भोर होते-होते मासूम अनमोल की धड़कनें हमेशा के लिए थम गईं।मासूम की मौत की खबर से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश है। लोग कह रहे हैं कि प्रशासन की नाक के नीचे मेडिकल स्टोर की आड़ में झोलाछाप सालों से इलाज का खेल खेल रहे हैं। यह केवल अनमोल की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का काला धब्बा है।
पीड़ित परिजनों ने थाना बलरामपुर पहुँचकर आरोपी शम्भू विश्वकर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है।

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