बीईओ ने अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को मामला सौंपा
अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के शंकरगढ़ थाना अंतर्गत प्राथमिक शाला कंजिया में अध्ययनरत छात्रा से स्कूल में डंडे से की गई पिटाई के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए मामला पुलिस को सौंपा है। पुलिस ने आरोपी प्रधानपाठक के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक शंकरगढ़ ब्लॉक के जगिमा-पटना गांव के शिवकुमार यादव की बेटी ललिता यादव कंजिया कक्षा दूसरी की छात्रा है। कुछ दिन पहले वह क्लास में बच्चों से बातचीत कर रही थी, इससे प्रधानपाठक हेरालुयुस टोप्पो कुछ ऐसा नाराज हुए कि गुस्से में उन्होंने ललिता के जांघ, पैर में डंडे से मार दिया, इसके बाद ललिता के पैरों में दर्द उठा और रात होते-होते पैर में सूजन आ गया। स्वजन उसे इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल से रेफर करने पर अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए हैं। इस मामले को लेकर गांव में सरपंच के मौजूदगी में पंचायत भी बैठी थी, जिसमें तय हुआ कि हेडमास्टर को बच्ची का इलाज कराना होगा। इस पर हेरालुयुस टोप्पो ने इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही थी, जिस कारण बच्ची के स्वजन मामले को वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी या थाना तक नहीं ले गए थे। बच्ची के पिता शिव कुमार यादव इलाज और दवा करा रहे थे, लेकिन प्रधानपाठक ने उनकी सुध नहीं ली। बाद में मामला विकासखंड शिक्षा अधिकारी जयगोविंद तिवारी के संज्ञान में आया और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया, और छात्रा के स्वजन से चर्चा के बाद जिला क्रीड़ा अधिकारी बलरामपुर प्रमेन्द्र बहादुर सिंह को संजीवनी अस्पताल अंबिकापुर भेजा, जिन्होंने छात्रा एवं उसके पिता का बयान लिया था। इसके बाद संबंधित प्रधानपाठक के विरुद्ध नियामानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर को प्रेषित किया गया।
जांघ में जमा खून मवाद बना
प्राथमिक शाला कंजिया, संकुल जगिमा में पदस्थ हिरालेओस टोप्पो प्रधान पाठक ने बीते 25 जुलाई को विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा दूसरी की छात्रा ललिता यादव पिता शिवकुमार यादव 7 वर्ष के जांघ पर डंडे से मारा था, जिसमें उसे गंभीर चोट आई है। छात्रा के चोटिल होने पर अभिभावक ने स्थानीय स्तर पर ईलाज कराया। स्वास्थ्य सही नहीं होने पर स्वजन उसे 16 अगस्त को संजीवनी अस्पताल अंबिकापुर लाकर परीक्षण कराए। यहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जांघ में डंडे से मारने के कारण खून जम गया था, जिसके मवाद में तब्दील होने के कारण इन्फेक्शन की स्थिति बन गई है।
दायित्व निर्वहन के विपरीत कृत्य
छात्रा व उसके स्वजन का बयान लेने पर सामने आया कि हीरालेओस टोप्पो प्रधानपाठक के द्वारा छात्रा को शारीरिक दण्ड देना अपराधिक कृत्य है, जो उनके पदीय दायित्व निर्वहन के प्रति विपरीत है। ऐसे में प्रधानपाठक के विरूध्द नियमानुसार कानूनी कार्रवाई हेतु प्रस्तावित पत्र विकासखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से शंकरगढ़ थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया है। पुलिस ने प्रधानपाठक के विरूद्ध धारा 115(2) बीएनएस व जेजे एक्ट की धारा 75, 82 का मामला पंजीबद्ध किया है।

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