बलरामपुर। जिले में 2 युवकों को बकरा चोरी करना उस समय भारी पड़ गया जब ग्रामीणों ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों की लाठी-डंडे और लात-घूसों से जमकर पिटाई की। ग्रामीणों ने उन्हें तब तक मारा जब तक दोनों बेहोश नहीं हो गए। मामले की सूचना पर चलगली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सीएचसी वाड्रफनगर पहुंचाया। मामला चलगली थाना क्षेत्र के शारदापुर गांव का है। वारदात के वक्त भीड़ में शामिल एक शख्स ने दोनों की पिटाई का वीडियो बनाया और वायरल कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम शारदापुर निवासी महेंद्र सिंह ने सोमवार सुबह अपने घर के बकरे-बकरियों को चरने के लिए खलिहान में बांधकर रखा था। लेकिन दोपहर में उन्होंने देखा कि एक बड़ा बकरा गायब है। इसके बाद महेंद्र सिंह ने अपने भाई उपेंद्र सिंह, संखलाल और अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर बकरे की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान उन्हें पता चला कि लोलकी चट्टानी इलाके में अपाचे बाइक पर सवार 2 युवक एक बकरे के साथ देखे गए हैं और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया है।

चोरो की हुई बेदम पिटाई
ग्रामीणों ने बकरा चोरी के आरोप में बड़कागांव निवासी कार्तिक और सूरज को पकड़ लिया और लाठी-डंडों के साथ लात-घूसों से तब तक मारा, जब तक वे दोनों बेहोश नहीं हो गए। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ देने की बात कहते रहे, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें बेदम मारा। घटना की सूचना पर चलगली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाया। घायलों को वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत गंभीर है। उन्हें रेफर भी किया जा सकता है।

सभी पहलुओं की होगी जांच
मामले में चलगली थाना प्रभारी बृजलाल भारद्वाज ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला ‘मॉब लिचिंग’ का है। यदि पिटाई का शिकार हुए युवक चोरी के दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंसा में शामिल ग्रामीणों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीण की शिकायत पर एफआईआर
महेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने बकरा चोरी के आरोप में कार्तिक और सूरज के खिलाफ धारा 3(5), 303(2) BNS के तहत FIR दर्ज की है। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट के मामले में फिलहाल FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो और डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की पहचान के बाद FIR दर्ज की जाएगी।

 

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