अंबिकापुर। नगर के सैकड़ों साल पुराने भाथुपारा तालाब में पिछले कुछ वर्षों से लगातार मिट्टी, पत्थर डालकर अवैध रूप से बड़े क्षेत्रफल पर कब्जा कर लिया गया है, जिसे लेकर वार्डवासियों ने कई बार कलेक्टर के जनदर्शन और पिछले नगर निगम सरकार और आयुक्त को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया था, किंतु तालाब को बचाने और उसके संरक्षण की पहल नहीं हुई।


वर्तमान में जब अंबिकापुर नगर निगम ने स्वच्छता के रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है, इस बदली हुई परिस्थिति में वार्डवासियों ने तालाब के अस्तित्व में आए इस गंभीर संकट को महापौर मंजूषा भगत और सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी से मिलकर अवगत कराया। नगर में स्थित तालाबों में हो रहे अवैध अतिक्रमण की लगातार शिकायतों के बीच त्वरित रूप से एक्शन लेते हुए महापौर, सभापति और सभी एमआईसी सदस्यों ने वार्डवासियों के साथ तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान स्थानीय पार्षदों एवं वार्डवासियों ने बताया कि यह तालाब सैकड़ों साल पुराना, प्राकृतिक और जीवित तालाब है, जो आसपास के चार वार्ड के हजारों लोगों के द्वारा विभिन्न प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में उपयोग में लाया जाता है। यह इस क्षेत्र का एकमात्र तालाब है। स्थानीय क्षेत्र के भू-गर्भ के जल स्तर को भी बनाएं रखने में मददगार है। इसमें विगत कुछ वर्षों से अतिक्रमणकारियों द्वारा लगातार अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से मिट्टी पाटा जा रहा है, जिससे इसका प्राकृतिक क्षेत्रफल घट गया है। तालाब को अतिक्रमण से बचाने, पाटे गए मिट्टी को बाहर निकालने, अतिक्रमणकारियों पर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह पर निरीक्षण करने पहुंची महापौर मंजूषा भगत ने मौके पर मौजूद तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक को तालाब का सीमांकन करने निर्देशित किया, साथ ही वार्डवासियों को जल्द सीमांकन कर अवैध रूप से पाटे गए मिट्टी को बाहर करके तालाब को उसके मूल रूप में संरक्षण और विकसित करने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान एमआईसी के सदस्य मनीष सिंह, जितेंद्र सोनी, विशाल गोस्वामी, पार्षद अशोक सोनवानी, किरण साहू, सालेम केरकेट्टा, राहुल त्रिपाठी, दीपक यादव, विद्यानंद मिश्रा, अनिल तिवारी, इन्दर भगत, आकाश गुप्ता, विकास गुप्ता, अभय साहू, सत्यम साहू, यदुवंश केरकेट्टा, रामसेवक साहू, उमेश किस्पोट्टा, भोला भगत, अवधेश केरकेट्टा, खुशबू एक्का सहित वार्डवासी एवं प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।

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