बारिश में भटकने की स्थिति बनी, फसलों को रौंदने से किसान चिंतित
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट इलाके में हाथियों का आतंक इतना है कि शाम ढलते ही लोग गांव छोड़ दे रहे हैं। महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ गांव से बाहर पक्के आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत भवन व सामुदायिक भवन में रात गुजारने विवश हैं। पुरूष मसाल जलाकर रतजगा कर रहे हैं। बरसात के मौसम में पिछले 10 दिनों में हाथियों ने 20 से अधिक कच्चे मकानों को तोड़ दिया है। खेतों में लगे मक्का, गन्ना व धान की फसल को रौंद दिया है। इलाके के लोग हाथियों के आतंक से थर्राए हुए हैं। वन विभाग निगरानी बनाए हुए है। ग्रामीणों के साथ वन अमला रात में भ्रमण कर रहा है।


बता दें कि कई दिनों से 14 हाथियों का दल मैनपाट के विभिन्न इलाकों में विचरण कर रहा है। हाथियों का दल अब तीन गुट में बंट गया है। पर्यटन स्थल मैनपाट के टाइगर प्वाइंट के समीप भी हाथियों का दल घूम रहा है। कच्चे मकानों को ढहाने से ग्रामीणों के बेघर होने की स्थिति बन गई है, और बारिश में काफी दिक्कतों के बीच वे समय गुजार रहे हैं। हर दिन किसानों के फसल रौंदने की सूचना मिल रही है, इससे उन्हें काफी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। घरों में रखे अनाज को भी हाथी चट कर दे रहे हैं। अभी तक जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन लोगों में भय का माहौल है। शाम होते ही लोगों की चिंता बढ़ जाती है।

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