गेट बंद रहने से पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बनी संघर्ष की स्थिति
अंबिकापुर। बिजली न्याय आंदोलन के तहत जिला कांग्रेस पार्टी के तत्वावधान में डीई, सीएसपीडीसीएल के नमनाकला स्थित कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस के आंदोलन को देखते हुए कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद करके पुलिस पहरा दे रही थी। कांग्रेस के कार्यकर्ता बंद प्रवेश द्वार को लांघने का प्रयास करते रहे, इधर पुलिस ताकत झोंकती रही। इसी क्रम में प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा 18 माह के कार्यकाल के दौरान चौथी बार विद्युत दरों में की गई वृद्धि के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में कार्यपालन अभियंता, सीएसपीडीसीएल के नमनाकला स्थित कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सिंहदेव ने कहा 18 माह में सरकार ने घरेलू बिजली दरों में प्रति यूनिट 80 पैसे की बढ़ोत्तरी कर दी है। हालिया वृद्धि पर नजर डालें तो घरेलू उपभोक्ताओं के दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट, गैर घरेलू उपभोक्ताओं के दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। सर्वाधिक वृद्धि किसानों के कृषि पंप के बिल में की गई है जो 50 पैसे प्रति यूनिट है। इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ‘बिजली न्यायÓ के नाम से चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया है। सात सूत्रीय ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार विद्युत दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस ले, साथ ही पूरे प्रदेश में ध्वस्त हो चुकी विद्युत व्यवस्था को सुधारने युद्धस्तर पर अभियान चलाए। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटरों को वापस लेने और कांग्रेस के शासनकाल में अंबिकापुर शहर सहित सरगुजा जिले के लिए स्वीकृत विद्युत परियोजनाओं का तत्काल कार्य प्रारंभ करने, विद्युत विभाग की लापरवाही से जान गंवाने वाले सुरेश सोनी के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने के साथ ही दोषी विद्युत अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा चलाकर उन्हें सजा दिलवाने की मांग की गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के लोगों का यह कहना कि विद्युत दरों में की गई वृद्धि मामूली है, इससे फर्क नहीं पड़ेगा, पूरी तरह से गलत है। रमन सिंह के कार्यकाल में 15 वर्षो में बिजली बिलों में 94 प्रतिशत की वृद्धि की गई, जबकि 18 माह के कार्यकाल में सरकार ने लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में की गई वृद्धि समाजिक न्याय के विरुद्ध है। कम खपत वाले गरीब नागरिकों और अधिक खपत करने वाले संपन्न लोगों के बिजली दरों में एक समान वृद्धि कर दी गई है। सरप्लस विद्युत के उत्पादन के बावजूद प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदेश के नागरिकों पर बिजली दरों की वृद्धि थोपना अनैतिक है।
शहर की विद्युत व्यवस्था पर अधिकारियों से लंबी चर्चा
सरगुजा जिला सहित अंबिकापुर शहर की लचर विद्युत व्यवस्था, शहर में सब स्टेशनों की स्थापना सहित अन्य मांगों पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एवं उनके साथ मौजूद प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षण यंत्री आरके मिश्रा, कार्यपालन अभियंता शहर एसपी कुमार एवं कार्यपालन अभियंता ग्रामीण श्री नागवंशी से लंबी चर्चा की। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा एक बार मेंटेनेंस होने के बाद 6 माह तक विद्युत व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए, लेकिन विगत एक वर्ष से विद्युत विभाग हर माह मेंटेनेंस के नाम पर कटौती करने के बावजूद नागरिकों को निर्बाध रुप से विद्युत सप्लाई नहीं कर पा रहा है। विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही शहर सहित जिले की विद्युत व्यवस्था को सुधार लिया जाएगा। विद्युत अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर फेल होने पर शहरी क्षेत्र में 24 घंटे में एवं ग्रमीण क्षेत्र में 3 दिनों में उसे बदल देने के लिए आश्वस्त किया है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस काल में स्वीकृत हुए विद्युत सबस्टेशनों का निर्माण कार्य मानसून के बाद प्रारंभ कर दिया जाएगा। चर्चा के दौरान फ्यूज कॉल सेंटर पर संपर्क नहीं होने की बात उठी, जिसे अधिकारियों ने दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। हाल ही में लटके हुए बिजली तारों के कारण दुर्घटना में मृत हुए सुरेश सोनी के परिजनो को भी जल्द मुआवजा देने का आश्वासन विद्युत विभाग के अधिकारियों ने दिया है। इस चर्चा के दौरान पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत, बालकृष्ण पाठक, अजय अग्रवाल, जेपी श्रीवास्तव, शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा सहित अन्य मौजूद थे।

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