अंबिकापुर। अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस, 20 जुलाई के अवसर पर मोंटफॉर्ट स्कूल में संभाग स्तरीय स्कूली शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन टीम सीआईएस सरगुजा द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिले के 106 स्कूली बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ मोंटफोर्ट स्कूल के प्राचार्य ब्रदर सेवक गैब्रियल ने किया।
प्रतियोगिता का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय स्विस लीग पद्धति से 6 चक्रों में किया गया। प्रतियोगिता के अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे। ओपन वर्ग में वरूण सोनी विजेता, रोहन गुप्ता उपविजेता, सहज सिंह तृतीय रहे। 15 वर्ष आयु वर्ग में मनीष विश्वकर्मा विजेता, यश कुमार गुप्ता उप विजेता, 13 वर्ष आयु वर्ग में ऋषभ देव भगत विजेता, आदर्श वर्मा उप विजेता, 11 वर्ष आयु वर्ग में आमिल अहमद विजेता, अरूप कुमार रे उप विजेता, 9 वर्ष आयु वर्ग में आदित्य अग्रवाल विजेता, आरुष पांडेय उप विजेता रहे। बालिका वर्ग ओपन में प्रेरणा तिग्गा, 15 वर्ष आयु वर्ग में अदिति सिंह, 13 वर्ष आयु वर्ग में अनन्या रे, 11 वर्ष आयु वर्ग में आयशा बानो और 9 वर्ष आयु वर्ग में नायशा यादव विजेता रहे। विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक सीनियर नेशनल आर्बिटर प्रदीप कुमार मंडल, सह निर्णायक अंजुम, सरोज सांडिल्य, वर्तिका तिवारी, सुनीता राजवाड़े, शशांक तिवारी और रविशंकर गुप्ता रहे। तकनीकी सहयोग विद्यालय की पीटीआई निर्मला यादव सहित समस्त स्टॉफ ने किया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम संस्था के प्राचार्य ब्रदर सेवक गैब्रियल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उन्होंने शतरंज को सबके बौद्धिक विकास और व्यक्तित्व निर्माण के लिए महत्वपूर्ण किट बताया। विशिष्ट अतिथि प्रदेश शतरंज संघ के सहसचिव सरोज वैष्णव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन नियमित अंतराल पर होने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलता रहे। प्रतियोगिता के निदेशक नेशनल इंस्ट्रक्टर शेष रतन जायसवाल ने विश्व पटल पर शतरंज में भारत के बढ़ते वर्चस्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से आने वाले समय में सरगुजा से भी विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार होंगे। चेस इन स्कूल्स कार्यक्रम के सूत्रधार विश्वनाथ मनियन ने नौनिहालों से सीधे संवाद करते हुए शतरंज में उपलब्धियां हासिल करने के टिप्स दिए। कार्यक्रम का संचालन विश्वास तिवारी ने और आभार प्रदर्शन योगेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने किया। समापन के अवसर पर दीपेंद्र यादव, कुसुम यादव, गौतम केशरी, चंद्रभूषण पांडेय, मालती भगत सहित अन्य खिलाड़ी और अभिभावक मौजूद थे।

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