कैलाश गुफा में जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे कांवड़ियों के पहुंचने से रविवार की रात से ही बदल गया था शहर का नजारा
अंबिकापुर। श्रावण का महीना शुरू होते ही शिव भक्तों में अलग उत्साह दिखने लगता है। कांवड़िये कैलाश गुफा में भगवान शिव की जलाभिषेक करने की तैयारी में जुट जाते हैं। इस वर्ष सावन के दूसरे सोमवार को शंकरघाट बांक नदी से बड़ी संख्या में कांवरियों ने जल उठाया, वे 85 किलोमीटर की पदयात्रा कर कैलाश गुफा पहुंच कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय रहा। बोल बम व हर-हर महादेव के जयकारे से माहौल बदल गया। रास्ते से आने-जाने वाले लोग भी कांवड़ियों का बोल बम, हर-हर महादेव उद्घोष करके उत्साहवर्धन कर रहे थे।
कांवड़ यात्रा को लेकर अंबिकापुर से बतौली तक भक्ति और उल्लास के बीच कांवड़ियों का जत्था पहुंचा। जगह-जगह कांवरियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तैयारी की गई थी। जिला प्रशासन द्वारा अफसरों की मजिस्ट्रियल ड्यूटी लगाई गई थी। सरगुजा कांवड़िया सेवा संघ के तत्वावधान में कांवड़ पदयात्रा पिछले 40 वर्षों से निकाली जा रही है। इस वर्ष भी सोमवार को शंकरघाट के बांक नदी से जल उठाकर बड़ी संख्या में कावंड़िए कैलाश गुफा के लिए रैली की शक्ल में रवाना हुए। कांवड़ियों का जत्था रविवार की देर रात से निकलना शुरू हो गया था। कांवड़ यात्रा में सरगुजा सहित कोरिया, रायगढ़, जशपुर जिले के अलावा सीमावर्ती राज्यों से भी काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए रविवार की दोपहर से ही कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार को मध्यरात्रि के बाद एक बजे से ही स्थानीय शंकरघाट में बांक नदी से जल उठाने कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा। हजारों कांवड़ियों ने शंकरघाट में ही अपना पड़ाव डालकर रखा था। कांवड़ पदयात्रा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय रहा। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा आकर्षक झांकियां भी निकाली। भोलेनाथ-पार्वती व भगवान गणेश की जीवंत झांकी निकाली गई। इस दौरान झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। वहीं शहर में कांवरियों को जगह-जगह स्वागत भी किया गया।
नाचते-गाते कैलाश गुफा के लिए हुए रवाना
सावन के महीने में अंबिकापुर स्थित शंकरघाट बांक नदी से जल उठाकर कैलाश गुफा स्थित भगवान कैलाशनाथेश्वर को जलाभिषेक करने का लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। सोमवार की सुबह भक्तिमय रही। बोल बम… बोल बम… हर-हर महादेव… जय जय शिवशंकर के जयघोष से माहौल भक्तिमय रहा। कांवड़ियों का जत्था शंकरघाट से नाचते-गाते उत्साह व उमंग के साथ पावन यात्रा के लिए निकला। सूर्योदय होने से पहले तक कई कांवड़िए शहर छोड़ चुके थे। कांवर यात्रा में महिला, पुरूष, बुजुर्ग के साथ-साथ छोटे बच्चों में भी उत्साह देखा गया। रास्ते भर विभिन्न संगठनों द्वारा कांवड़ियों के स्वागत, जलपान व नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। यात्रा स्थानीय शंकरघाट से प्रारंभ होकर लुचकी, चेंद्रा, लमगांव होते देर शाम बतौली पहुंची। यहां विश्राम करने के बाद जत्था कैलाश गुफा के लिए रवाना हुआ, यहां वे गुरुवार को जलाभिषेक करेंगे।
झाड़ू बम की टोली भी निकली
सावन के मौके पर पहली बार झाड़ू बम की टोलियां नजर आईं, जो हाथों में झाड़ू लिए शंकरघाट से कैलाश गुफा के लिए रवाना हुई है। ये बम जिन मार्गों से कांवरिए गुजर रहे थे, वहां झाड़ू लगाते जा रहे थे। झाड़ू लेकर निकलने के परिप्रेक्ष्य में जब इनसे जानने का प्रयास किया गया, तो इन्होंने बताया कि शिवभक्तों को जूठन पार न करना पड़े, इसलिए वे झाड़ू लगाते कैलाश गुफा तक जाएंगे, और श्रद्धा अर्पण करेंगे।
कांवड़ यात्रियों के लिए कांग्रेस ने लगाया स्वास्थ्य कैम्प
श्रावण मास के पावन अवसर पर दूर-दूर से आए कांवड़ यात्रा में निकले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस सिंहदेव व आदित्येश्वर शरण सिंहदेव के निर्देश पर युवा कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष व नगर निगम पार्षद शुभम जायसवाल के अगुवाई में स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान कावड़ यात्रियों को जो-जो दिक्कतें आ रही थी, उन सभी को आवश्यकता के अनुरूप दवा उपलब्ध कराया गया, और कंपाउंडर ने उपचार किया। इस दौरान चंद्र प्रकाश सिंह, अमित सिंह, राहुल सोनी, अनिकेत गुप्ता, अंकुर साहू, समीर गुप्ता, रवि अनुग्रह, मनीष साहू, आयुष, वंश आर्यन उपस्थित रहे।

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