14 लाख प्राप्त करने के बाद वाहन को किया सरेंडर, नाम ट्रांसफर के साथ नहीं दिया दस्तावेज

अंबिकापुर। कूटरचित विक्रय पत्र के आधार पर गुरूकृपा ऑटोडील के संचालक ने श्रीराम फायनेंस लिमिटेड से 14 लाख रुपये छलपूर्वक प्राप्त कर लिया। इसका पर्दाफास होने पर फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने रिपोर्ट गांधीनगर थाना में दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने ऑटोडील के संचालक के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।


फायनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक मोहसिम अली, निवासी रसूलपुर ने पुलिस को बताया है गुरुकृपा ऑटोडील सूरजपुर का संचालक संदीप साहू पूर्व में कंपनी के साथ काम कर चुका है। वह कार्यालय में ट्राला क्रमांक सीजी 10 एजे 1079 पर रिफायनेंस के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किया था। प्रस्तुत दस्तावेज में ट्राला के रजिस्टर्ड स्वामी लक्ष्मीनारायण देवांगन पिता मन्नुलाल देवांगन, निवासी जांजगीर का नोटरीशुदा विक्रय पत्र देकर उनसे बातचीत कराया और शंकरघाट, सोनपुर अंबिकापुर के कल्याण बोयपाई पिता चंद्रन बोयपाई को रिफासनेंस कराने का आग्रह कर 14 लाख रुपये लोन की मांग किया। संदीप साहू के द्वारा प्रस्तुत फार्म व दस्तावेज सही प्रतीत होने पर वाहन के नाम ट्रांसफर संबंधी दस्तावेजों की मांग की गई, जिस पर संदीप साहू ने लक्ष्मीनारायण देवांगन की ओर से कल्याण बोयपाई के नाम पर वाहन ट्रांसफर करने सबंधी फार्म सहित खरीदी-बिक्री करने का शपथ पत्र व फायनेंस कंपनी का हाईपोथिकेशन जोड़ने के लिए आवेदन आर.टी.ओ. बिलासपुर के समक्ष 13.01.2025 को प्रस्तुत कर कंपनी को सूचित किया। संदीप साहू ने गुरुकृपा ऑटोडील के नाम पर उक्त वाहन को लक्ष्मीनारायण देवांगन से खरीदने और उसे कल्याण बोयपाई को बिक्री करके नाम ट्रांसफर करा देने के संबध में शपथ पत्र 17.01.2025 को फायनेंस कार्यालय में प्रस्तुत कर कल्याण बोयपाई के नाम पर 14 लाख रुपये फायनेंस करने अनुबंध पत्र निष्पादित किया गया, जिसमें कल्याण बोयपाई द्वारा फायनेंस की रकम 14 लाख रुपये गुरुकृपा ऑटोडील के प्रोपाराइटर संदीप साहू के बैंक खाता में भुगतान करने सहमति दी गई, जिस पर उक्त राशि का भुगतान संदीप साहू को 17.01.2025 को आरटीजीएस द्वारा कर दिया गया। इसके बाद कल्याण बोयपाई ऋणी वाहन का मासिक किस्त जमा करने लगा।

मूल वाहन स्वामी नहीं पहुंचा आरटीओ कार्यालय
संदीप साहू से वाहन का दस्तावेज नाम ट्रांसफर सहित हाईपोथिकेशन दर्ज कराकर मांगे जाने पर वह टालमटोल करते रहा। आरटीओ बिलासपुर से पता करने पर जानकारी मिली कि उनके द्वारा मूल वाहन स्वामी को कार्यालय में उपस्थित कराने का निर्देश दिया है, जिस पर संदीप साहू, लक्ष्मीनारायण देवांगन से मोबाइल के जरिए बात कराते हुए व्यस्तता जाहिर कर बिलासपुर जाकर नाम ट्रांसफर कराने टालमटोल करते रहा, जिस कारण वाहन का नाम ट्रांसफर कल्याण बोयपाई के नाम पर नहीं हो पाया है। इधर ऋणी कल्याण बोयपाई नियमित रूप से किस्त देना बंद कर दिया। 27.06.2025 को वाहन क्रेता कल्याण बोयपाई और संदीप साहू किस्त जमा करने में असमर्थता जताते हुए योजनाबद्ध तरीके से ऋणी वाहन को फायनेंस कार्यालय में सरेंडर कर दिया, जिसे फायनेंस कंपनी ने मॉलयार्ड में जमा करके इसकी सूचना थाना गांधीनगर में दी है।

मूल वाहन स्वामी की गतिविधि भी संदिग्ध
वाहन सरेंडर करने के बाद फायनेंस कंपनी के मैनेजर संदीप साहू ने ऋणी वाहन का दस्तावेज नाम ट्रांसफर कराकर तत्काल प्रस्तुत करने कहा, क्योंकि फायनेंस का रकम ऑटोडील के संचालक संदीप साहू ने प्राप्त किया था। कागजात की मांग करने पर संदीप साहू अपना मोबाइल बंद कर दिया और ऑटोडील शोरूम से भी गायब हो गया। मूल वाहन स्वामी लक्ष्मीनारायण से पूछने पर पता चला कि उन्होंने किसी विक्रय पत्र में हस्ताक्षर नहीं किया है। वाहन स्वामी से गाड़ी पास में नहीं रहने के बाद भी कहीं शिकायत दर्ज नहीं कराने के सवाल पर फायनेंसरों से विवाद करने लगा, जिससे उसकी भी मामले में गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो रही है। रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज करके अग्रिम जांच, कार्रवाई कर रही है।

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