खेती के मौसम में किसानों को हो रही दिक्कत से रूबरू कराने जा रहे थे
अंबिकापुर। सरगुजा जिला के हिल स्टेशन मैनपाट में चल रहे भाजपा के सांसदों व विधायकों के प्रशिक्षण का बुधवार को अंतिम दिन रहा। इसी बीच पूर्व मंत्री अमरजीत भगत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को किसानों को बरसात के मौसम में खेती-किसानी को लेकर हो रही दिक्कतों से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। इसकी भनक लगते ही पुलिस के जैसे हाथ-पांव फूल गए और कमलेश्वरपुर थाना पुलिस उन्हें बीच में ही रोक ली। मुख्यमंत्री से मिलने में रोड़ा बनी पुलिस को सामने देखकर कांग्रेसी नारेबाजी करने लगे, इसके बाद पुलिस इन्हें हिरासत में ले ली, बाद में एसडीएम ने मुचलका जमानत पर रिहा कर दिया। बताया जा रहा है कि किसानों को खाद-बीज की हो रही समस्या को लेकर पूर्व मंत्री ज्ञापन सौंपने प्रशिक्षण शिविर स्थल की ओर जाने निकले थे, लेकिन इनकी मंशा पर पुलिस ने ग्रहण लगा दिया।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का पूर्व से ही कार्यक्रम निर्धारित था। क्षेत्र में किसानों को खाद-बीज की समस्या हो रही है, ऐसे में वे खेती नहीं कर पा रहे हैं। मैनपाट में आलू व टाऊ की खेती होती है, यदि खाद समय पर नहीं मिलेगा तो कैसे खेती होगी? इन्हीं सब मुद्दों की ओर वे मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण करने की मंशा रखे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया। इसके बाद क्षेत्र में सवाल के साथ चर्चा इस बात की भी होने लगी, कि शासन-सत्ता में भले ही अमरजीत भगत मंत्री रहे, लेकिन वे देश और प्रदेश के सम्मानित नागरिक भी हैं। प्रदेश की सत्ता जिनके हाथों में है, उन तक किसान हों या आम नागरिक उनकी बातों को पहुंचाना क्या गुनाह है? आखिर ऐसा क्या करने जा रहे थे पूर्व मंत्री, कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से पुलिस ने रोक दिया और कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें थाने ले आई।

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