इधर उचित मूल्य दुकानों के संचालकों को मांग अनुरूप नहीं रहा चावल, हितग्राही परेशान
अंबिकापुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत माह जून से अगस्त 2025 तक का चावल एकमुश्त वितरण करने संबंधी दिए गए आदेश के बाद दुकान संचालकों को चावल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण वे अपने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में ताला बंद करके खाद्य विभाग का चक्कर काटने विवश हो रहे हैं। राशनकार्ड धारक उचित मूल्य की दुकानों को बंद देखकर निराश मन से वापस लौट रहे हैं। जून माहांत तक 3 माह का चावल वितरण करने के निर्देश के बाद लोगों के मन में यह भी बस गया है कि उन्हें चावल नहीं मिलेगा। हालांकि कार्यालय संचालक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय रायपुर के द्वारा प्रदेशभर में नियत समय में सभी उपभोक्ताओं को चावल वितरण नहीं हो पाने की स्थिति में आदेश जारी करके आगामी 7 जुलाई, पुन: 20 जुलाई तक उचित मूल्य की दुकानों से चावल वितरण करने के लिए आदेशित किया था। इसमें पुन: संशोधन करते हुए चावल वितरण के लिए एकमुश्त चावल वितरण की समयावधि 31 जुलाई 2025 तय की गई है। इधर सरगुजा जिले का खाद्य विभाग शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के खुलने पर लगने वाली राशनकार्ड धारकों की भीड़ के बीच 80 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं को राशन वितरण हो जाने की दलील देने में लगा है।
बता दें कि सरगुजा जिले में 3 लाख 500 राशनकार्ड धारक और 9 लाख 50 हजार हितग्राही हैं, जिन्हें शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से बॉयोमैट्रिक पहचान के आधार पर चावल, चना और शक्कर का प्रतिमाह वितरण किया जाता है। बरसात के मौसम में ग्रामीण व पहुंचविहीन इलाकों तक राशन वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय रायपुर के द्वारा प्रदेश के समस्त कलेक्टर, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह जून से अगस्त 2025 तक का चावल एकमुश्त वितरण करने के संबंध में 16.05.2025 को पत्र जारी किया गया था, जिसके अनुसार जून माहांत तक राशनकार्ड धारकों को 3 माह का चावल दिया जाना था, लेकिन तकनीकी बाधाओं के साथ ही चावल की समय पर मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में चावल उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने के कारण नियत अवधि में सभी हितग्राहियों को चावल नहीं मिल पाया। अगर कोई चावल प्राप्त कर भी लिया है तो उसे शक्कर और चना लेने के लिए पुन: चक्कर काटना पड़ रहा है। उचित मूल्य दुकान के संचालकों पर नजर डालें तो इनके द्वारा सप्ताह, 15 दिन पूर्व की गई चावल, शक्कर की मांग को खाद्य विभाग पूरा नहीं कर पाया है, जिस कारण वे दुकानों में ताला बंद रखने के लिए विवश हो गए हैं। चावल का स्टॉक पहुंचने के बाद बॉयोमैट्रिक मशीन में संबंधित राशनकार्ड धारक की पहचान की प्रक्रिया के बीच तकनीकी बाधाएं भी आड़े आ रही हैं। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में पूर्व में दी गई बॉयोमैट्रिक मशीन को बदलकर एक छोटा मशीन उपलब्ध कराया गया है, जो समस्या की जड़ गया है। विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यानाकर्षण कराने पर वे भी इसे स्वीकार कर रहे हैं कि सर्वर की समस्या आड़े आ रही है। इनका कहना है कि एनआईसी व्यवस्था को दुरूस्त करने में लगा हुआ है।
चावल वितरण की तिथि बढ़ाई गई, आदेश जारी
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भारत सरकार, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के पत्र का हवाला देकर अपर संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति संचालनालय नवा रायपुर ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों के नाम जारी पत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह जून से अगस्त 2025 का एकमुश्त चावल वितरण की समयावधि को बढ़ाकर अब 31 जुलाई 2025 कर दिया है। भारत सरकार द्वारा वितरण हेतु निर्धारित समय-सीमा का सभी उचित मूल्य दुकानों में प्रदर्शित कराने समुचित प्रचार-प्रसार कराने संबंधितों को निर्देशित किया है। साथ ही जिले के सभी उचित मूल्य दुकानों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्ड धारक परिवारों को माह जून से अगस्त 2025 तक का चावल वितरण की कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने कहा गया है।
फैक्ट फाइल
सरगुजा जिले में कुल 519 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें हैं, जिनमें 61 शहरी क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। 3 लाख 500 राशनकार्ड धारक और 9 लाख 50 हजार हितग्राही हैं। बॉयोमैट्रिक मशीन में थम्ब कैप्चर नहीं करना भी बड़ी समस्या है। अंबिकापुर के अलावा सीतापुर और लखनपुर राशन प्रदाय केंद्र हैं। यहां 3 माह का चावल एकमुश्त वितरण करने का आदेश जारी होने के बाद भी हमाल की संख्या नहीं बढ़ाई गई, जिस कारण मंथर गति से चावल उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंच रहा है। शासन को चिंता गोदामों को खाली करने की है, ताकि यहां मिलरों से चावल का उठाव करके रखा जा सके।

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